लाखों कमाने वाले क्लिनिक बायो मेडिकल वेस्ट के प्रति लापरवाह है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की लगातार रिमाइंडर के बावजूद क्लिनिक बायो मेडिकल लाइसेंस के रीन्यू कराने के लिए महज 250 रुपये फीस नहीं चुके रहे हैं। अब प्रदूषण विभाग 210 में से 113 क्लिनिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहा है। सोमवार से क्लिनिकों के खिलाफ कानूनी नोटिस देकर पर्यावरण कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बता दें कि हाल ही में प्रदूषण ने 85 अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी।
प्रदूषण के मामले में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की लगातार सख्ती के बाद अब प्रदूषण विभाग की नजर शहर के क्लिनिकों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट पर है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि मेडिकल हब के रूप में स्थापित इस शहर में सबसे ज्यादा बायो मेडिकल वेस्ट का गलत निस्तारण छोटे क्लिनिकों द्वारा किया जा रहा है।
छापेमारी के दौरान भी खुलेआम बायो वेस्ट फेंका हुआ मिला था। जिसे मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा कई ऐसे क्लिनिक है, जो हर साल रीन्यू होने वाले लाइसेंस की मामूली फीस भी जमा नहीं कर रहे हैं। प्रदूषण विभाग ने जांच में पाया है कि कई क्लिनिक बायो वेस्ट खुले में फेंक रहा है। नियमों का उल्लंघन कर खुले में बायोमेडिकल वेस्ट डाल रहा है।
क्या हैं बायोमेडिकल वेस्ट के नियम
अस्पताल से निकलने वाले कूड़े को 03 हिस्सों में बांटना होता है
ब्लड मानव अंग जैसी चीजों को रेड डिब्बे में डालना होता है
कॉटन, सिरिंज, दवाइयां को पीले डिब्बे में डाला जाता है
मरीजों के खाने की बची चीजों को ग्रीन डिब्बे में डाला जाता है
इन डिब्बे में लगी पॉलिथीन के आधे भरने के बाद इसे पैक करके अलग रख दिया जाता है, ताकि इंफेक्शन न हो।