दिल्ली चिड़ियाघर में सफेद बाघ के बाड़े में हुए हादसे के बाद शनिवार को पहली बार बाघ को खुले बाड़े में निकाला गया। घटना के बाद बाघ को डॉक्टरों की निगरानी में बाड़े के अंदर बने पिंजड़े में रखा गया था। उसे शनिवार को दो घंटे के लिए उसे खुले बाड़े में निकाला गया। इस दौरान विजय की गतिविधि बेहद सामान्य रहीं।
मालूम हो कि बीते माह 23 सितंबर को मकसूद नामक युवक सफेद बाघ के बाड़े में कूद गया था। बाड़े में बाघ ने उसे मार डाला था। हादसे के बाद से विजय को पिंजड़े में रखा गया था।
डॉक्टरों की एक टीम तब से उसकी निगरानी कर रही थी। पहले उसे पांच दिन बाद ही बाहर निकालने की तैयारी थी। लेकिन डॉक्टरों के मना करने पर उसे बाहर नहीं निकाला गया। शनिवार सुबह 9 बजे के बाद बाहर निकाला गया। वह दो घंटे तक बाहर रहा। करीब 11 बजे उसे दोबारा पिंजड़े में बंद कर दिया गया।
चिड़ियाघर के क्यूरेटर आर. ए. खान ने बताया कि सफेद बाघ को दो घंटे के लिए बाहर निकाला गया था। इसके बाद रानी नाम की बाघिन को बाड़े में निकाला गया था। उन्होंने बताया कि विजय बिल्कुल ठीक है। उसकी गतिविधि भी सामान्य है। किसी को देखकर उसे गुस्सा नहीं आ रहा है।
उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर में कई दिनों से उसकी गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। पिंजडे़ से बाहर निकाले जाने से पहले इससे पहले उसे अंदर ही बनाए गए एक छोटे बाड़े में छोड़ा जा रहा था। धीरे-धीरे बाड़े में पिंजड़े के बाहर उसका समय बढ़ाया जाएगा।