वर्ष 2009 में एमपी के खंडवा जेल से भागे सिमी के पांच आतंकियों को बिजनौर के उमरी गांव में पनाह देने का आरोपी हाफिज उर्फ अतीउर रहमान नोएडा के सेक्टर-26 में करीब 11 महीने तक कुछ-कुछ समय के लिए रहा था।
सेक्टर-26 स्थित एक चाइल्ड केयर होम में जहां केवल बच्चों के रहने की व्यवस्था होती थी, वहां उसकी पत्नी और बेटा भी रहते थे, जिनसे वह कभी-कभार मिलने आता था। यहां उसके दो साल के बच्चे का इलाज दिल्ली के एम्स में चल रहा था।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि एमपी के खंडवा जेल से भागने के बाद उन पांच आतंकियों ने देश में कई स्थानों पर ब्लास्ट किए थे। सितंबर 2014 में बिजनौर में हुए ब्लास्ट के बाद पता चला था कि पांचों आतंकी अलग-अलग नामों से वहां छुपे हुए थे। इस मामले में घायल महिला हुस्ना (हाफिज की बहन) घायल हो गई थी। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
बिजनौर में सितंबर 2014 में ब्लॉस्ट के बाद हाफिज ओखला में छिपा था। इस दौरान खुफिया एजेंसियों ने उसको ढूंढ निकाला था और उससे दो से तीन बार हिरासत में लेकर पूछताछ भी हुई थी। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया था। इसके बाद से हाफिज का कोई पता नहीं है।