नई दिल्ली। श्रीराम भारतीय कला केंद्र के नृत्य-नाटक कृष्ण की 50वीं वर्षगांठ पर कमानी ऑडिटोरियम में हुई प्रस्तुति ने दर्शकों को कृष्ण के मानवीय और दार्शनिक पक्ष से जोड़ा। यह मंचन चार सितंबर तक चलेगा।
यह मंचन कृष्ण के जीवन की यात्रा को दर्शाता है, जिसमें राधा-कृष्ण का प्रेम, कंस वध और अर्जुन को गीता के उपदेश शामिल थे। करीब दो घंटे बीस मिनट के इस नृत्य-नाटक में शास्त्रीय नृत्य, संगीत और अभिनय का संगम था। इसकी परिकल्पना सुमित्रा चरत राम ने की थी, निर्देशन पद्मश्री शोभा दीपक सिंह ने किया। कोरियोग्राफी शशिधरन नायर की है, जिसमें राज कुमार शर्मा ने सहयोग दिया। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक पर्दों और डिजिटल पृष्ठभूमि के बजाय हस्तनिर्मित सेट, वेशभूषा व आभूषणों को प्रमुखता दी गई। इससे दर्शकों को पारंपरिक रंगमंचीय अनुभव मिला, जिसमें भक्ति शैली के संगीत और सूरदास की ब्रजभाषा रचनाओं का उपयोग हुआ। संवाद