उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार केशव प्रसाद मौर्य की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक बिगड़ गई। समझा जाता है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मौर्य को मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी जैसे ही सौंपी, उसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
उन्हें सीने में दर्द और ब्लडप्रेशर की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भरती कराया गया। हालांकि रात 10 बजे के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार की अटकलों के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी देकर सबको चौंका दिया।
सीने में दर्द, उच्च रक्तचाप की शिकायत के बाद आरएमएल में भरती कराए गए
अमित शाह और केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : PTI
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि हमने मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी केशव पर छोड़ दी है। उसके बाद शाह वहां से चले गए। वहीं मौजूद मीडियाकर्मी केशव प्रसाद मौर्य के पास चले गए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, इस पर उन्होंने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी दी गई है तो वह दावेदार कैसे हो सकते हैं।
यूपी और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा के दौरान अमित शाह के साथ पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद थे। गौरतलब है कि यूपी के मुख्यमंत्री के लिए मौर्य के अलावा, राजनाथ सिंह और मनोज सिन्हा का नाम तेजी से उभर रहा है।
बोले, स्वस्थ हूं, 18 मार्च को विधायक दल की बैठक में हिस्सा लूंगा
अमित शाह और केशव प्रसाद मौर्य
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उधर राममनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एके गडपायले ने बताया कि केशव मौर्य को बृहस्पतिवार दोपहर करीब 3.38 मिनट पर अस्पताल लाया गया था।
उनके साथ उमा भारती भी थीं। भरती किए जाने के दौरान मौर्य काफी असहज महसूस कर रहे थे। पिछले सात दिनों से उन्हें सर्दी-जुकाम व हल्का बुखार था। मामूली उपचार के बाद देर शाम उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बाद में मौर्य का कहना है कि चुुनाव में बिना विश्राम दौड़ धूप के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ा। अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि वह 18 मार्च को लखनऊ में विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक 18 मार्च को लखनऊ में बैठक करेंगे। उसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा।