विधानसभा चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग टिकट पाने की लाइन में लगे हुए हैं। लेकिन सवाल यह है कि जनता जिन्हें विधायक चुनती है उससे कामकाज से लोग कितने खुश हैं। इसकी तहकीकात करने के लिए अमर उजाला संवाददाता ने नोएडा के हर तबके के लोगों से बात की। पेश है नोएडा की ग्राउंड रिपोर्ट।
अलग-अलग लोगों की की गई बातचीत के दौरान कई ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विधायक को देखा ही नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि विधायक तो ऐसा होने चाहिए कि अफसर पर रौब पड़े लेकिन यहां तो उल्टा ही होता है और अफसर विधायक को ही मिलने के लिए लंबा इंतजार करा देते हैं।
विधायक जनता के कामों के लिए कुछ कहता है तो अफसर सुनते ही नहीं। इतना ही नहीं पिछले दिनों प्राधिकरण ने क्षेत्र की पंचायत व्यवस्था समाप्त करा दी। इस पर जनप्रतिनिधि कुछ नहीं बोले। प्राधिकरण तो यही चाहता है कि उसके पास ही सभी अधिकार रहें।
सेक्टर-27 के संतोष कुमार का कहना है कि नोएडा में समय-समय पर आंदोलन भी होते रहते हैं। हाल ही में आरडब्ल्यूए ने मिलकर डीएनडी टोल वसूलने के खिलाफ अभियान छेड़ा। आंदोलन में जनप्रतिनिधि भी आए लेकिन उनका कोई खास योगदान नहीं रहा।
अंतत: फोरनवा कोर्ट से लड़ाई जीती और आज डीएनडी टोल फ्री चल रहा है। इसमें आरडब्ल्यूए के अलावा उद्यमी व व्यापारी संस्थाओं ने बढ़कर भाग लिया। राजनीति लोगों का योगदान खास नहीं मिला, जबकि यह लड़ाई जनप्रतिनिधि की थी।
वहीं सेक्टर-44 निवासी मनीष सिंह का कहाना है कि नोएडा से विधायक बनने के समय और बनने के बाद खाते जरूर चेक होने चाहिए। जनप्रतिनिधि अपना विकास तो कर लेते हैं लेकिन जनता को ऐसा कुछ नहीं दिला पाते हैं, जो यादगार बन जाए। बस प्राधिकरण के ही चक्कर लगाते रहते हैं, सिर्फ अपना और अपने मिलने वालों के लिए काम करते हैं।
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24 घंटे नोएडा की सेवा के लिए तत्पर हूं। लंबे समय से नोएडा में हूं और यहां की हर समस्या को जानती हूं। बिजली, पानी समेत नोएडा की समस्याओं को विधान सभा में उठाया। समय-समय पर स्थानीय अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। विधायक निधि के 4.50 करोड़ रुपये ऐसे स्थानों पर खर्च किया, जहां पर लोग जनसुविधाओं के लिए तरस रहे थे। - विमला बाथम, भाजपा विधायक नोएडा
अगर जनप्रतिनिधि ने नोएडा के लिए काम किया होता तो आज यहां की जमीन फ्री होल्ड होती। जिसकी मांग काफी लंबे अर्से से की जा रही है लेकिन जनप्रतिनिधि इसे पूरा नहीं करा पाए। यहां तक कि प्राधिकरण बोर्ड में जनप्रतिनिधि सदस्य तक नहीं बन पाए ताकि प्राधिकरण की मनमानी रोकी जा सकती। - विपिन मल्हन, एनईए अध्यक्ष
जनप्रतिनिधि का कामकाज कुछ भी नहीं है। सवेरे तैयार होते हैं और जन्मदिन, शादी विवाद और किसी की मौत के गम में शामिल होकर अपना कर्तव्य पूरा कर लेते हैं। लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कुछ नहीं किया गया। ऐसा जनप्रतिनिधि किस काम का है।- नरेश कुच्छल, जिलाध्यक्ष व्यापार एसोसिएशन
विधायक ऐसा चाहिए कि जिसके पास नोएडा के अफसर मिलने जाएं। पूरे शहर में विधायक का सिक्का चलना चाहिए और उसका डर अफसरों में होना जरूरी है। लेकिन ऐसा न होकर यहां के विधायक खुद अफसरों से मिलने जाते हैं। सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलता, काम भी करना पड़ता है। - सुरेश तिवारी, नौकरीपेशा
नोएडा शहर युवाओं का है, विधायक भी ऐसा ही होना चाहिए जो युवाओं की स्थिति को समझे। उनके लिए कुछ काम करे। अपना समय पूरा न करे। जब विधायक घर से निकलें तो उसके समर्थक साथ में लग जाएं, लेकिन अक्सर देखा गया है कि विधायक के बुलाने के बाद भी लोग साथ नहीं जाते। - भूपेंद्र, आईटी कंपनी कर्मचारी