दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण करने के पर्याप्त कदम उठाए जाने को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। कोराना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर यह जनहित याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार से 30 मार्च तक जवाब मांगा है। पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार से पूछा कि कोराना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
यह याचिका वकील त्रिवेणी पोटकर की ओर से दायर की गई है। याचिका में मांग की गई कि कोरोना वायरस के परीक्षण और उपचार के लिए चिकित्सीय सुविधाओं की जानकारी मुहैया कराने के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार का निर्देश दिए जाएं, ताकि कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर लोगों को चिकित्सकीय परीक्षण करवाने के संबंध जानकारी मिल सके।
याची ने कहा कि भारत में पर्याप्त स्क्रीनिंग, परीक्षण, पृथक्करण सुविधाओं और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के कारण बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है। इसके साथ ही याचिका में दावा किया गया कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम एक बड़े पैमाने पर प्रकोप को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।