हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि आमिर खान अभिनीत फिल्म पीके में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और इन आरोपों में कोई दम नहीं है कि फिल्म हिंदू संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को चोट पहुंचाती है। अदालत ने फिल्म पर रोक लगाने के लिए दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने याचि से पूछा कि फिल्म में आखिर गलत क्या है। हमें लगता है कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे अपराधिक मामला बनता हो।
आप हर चीज का बुरा नहीं मान सकते। खंडपीठ ने कहा हमारी नजर में याचिका विचारयोग्य ही नहीं है। खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वे अपना विस्तृत निर्णय बाद में देंगे।