नगर निगम के अफसरों ने शुक्रवार को डीएम का फोन रिसीव न किया तो डीएम भड़क उठे। उन्होंने तत्काल टीम भेजकर नगर निगम के दफ्तर को सील करने के आदेश दिए।
प्रशासन की टीम नगर निगम पहुंची तो हड़कंप मच गया। बाद में नगर आयुक्त ने फोन पर खेद जताकर डीएम का गुस्सा शांत किया।
डेंगू के चलते शहर में हाहाकार मचा है। लोगों की शिकायत है कि निगम की ओर से सफाई और फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। डीएम आफिस में निगम की शिकायत करने वालों की भीड़ लगी रहती है।
डेंगू और सफाई के साथ ही एनजीटी के भी कई मामले चल रहे हैं। इस संदर्भ में बातचीत करने के लिए डीएम ने नगर निगम को मैसेज भेजा था, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल से नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त को कई कॉल कीं, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इससे डीएम विमल कुमार शर्मा नाराज हो गए।
उन्होने एसीएम नितिन मदान को बुलाया और निगम आफिस को सील करने के आदेश दिए। डीएम ने कहा कि निगम में जनता की समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है।
आफिसों में अफसर मिलते नहीं हैं। हेल्पलाइन बेकार पड़ी है। अफसर जनता से मिलते तक नहीं हैं। ऐसे में आफिस खुला रहने से क्या फायदा?
नितिन मदान अपनी टीम के साथ नगर निगम जा पहुंचे। उनके पहुंचते ही निगम अफसरों में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने डीएम को कॉल करके अपने अधिकारियों की गलती मानी। इसके बाद ही डीएम का गुस्सा शांत हो सका।