इंटरनेट पर विज्ञापन लिंक लाइक कराने के नाम पर 40 हजार लोगों से 260 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाली नोएडा सेक्टर-दो की वेबवर्क कंपनी के मालिक संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग फिलहाल जेल में ही बंद रहेंगे। जिला न्यायालय ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए जिला न्यायालय में जमानत केलिए याचिका दायर की थी।
जमानत याचिका में संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग ने खुद को झूठे केस में फंसाने का तर्कदिया। चार मई को सीजेएम कोर्ट में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपियों के तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले को संवेदनशील बताते हुए आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
वेबवर्क कंपनी के खिलाफ नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 12 फरवरी को गाजियाबाद के अमित किशोर जैन की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। 17 फरवरी को नोएडा पुलिस ने कंपनी के दोनों मालिक संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग को सूरजपुर स्थित एसएसपी ऑफिस से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी तत्कालीन एसएसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे।
वेबवर्क कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले अमित किशोर जैन के अनुसार चार मई को आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले नोएडा पुलिस को उन्हें भी सूचित करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस द्वारा उन्हें जमानत याचिका पर सुनवाई की सूचना न देने से स्पष्ट है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस चाहती थी कि आरोपियों को जमानत मिल जाए। हाईकोर्ट पहले ही नोएडा पुलिस की जांच पर सवाल खड़ा कर चुका है। अमित जैन केअनुसार शुक्रवार 12 मई को वह गौतमबुद्धनगर जिला कोर्ट में हाईकोर्ट द्वारा दिया गया सीबीआई जांच का आदेश फाइल करने गए थे। तब पता चला कि आरोपियों की जमानत याचिका पर चार मई को सुनवाई हुई थी।
नोएडा पुलिस ने संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग को 17 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 17 मई को इनकी गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो जाएंगे। इससे पहले नोएडा पुलिस को जिला न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करनी है। 90 दिन में चार्जशीट दाखिल न होने पर आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल सकती है।
इस संबंध में थाना सेक्टर-20 प्रभारी निरीक्षक और केस के जांच अधिकारी अनिल कुमार शाही ने बताया कि वेबवर्क मामले में चार्जशीट तैयार कर सीओ ऑफिस भेज दी गई है। अगले दो-तीन दिन में जिला न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। चार्जशीट में संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग को ही आरोपी बनाया गया है।