वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए सीएक्यूएम कर रहा कार्य
अधिकारी के मुताबिक, सीएक्यूएम वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और कमी लाने व एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रभावी उपाय विभिन्न संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर कर रहा है। वहीं, दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न उपाय अपना रही है। इसमें ड्रोन मिस्ट स्प्रिंकलर, आउटडोर एयर प्यूरीफायर और दिल्लीभर में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों की स्थापना जैसी नवीन तकनीक शामिल हैं।
पोल स्प्रिंकलर लगाए जा रहे
इन्हें उच्च प्राथमिकता वाले प्रदूषण हॉटस्पॉट के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है, ताकि वायु गुणवत्ता सुधार में उनकी प्रभावशीलता को अधिकतम किया जा सके। इसके अलावा धूल नियंत्रण के उपायों को बढ़ाने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत नई दिल्ली क्षेत्र में पोल स्प्रिंकलर लगाए जा रहे हैं। ये तकनीक शहर में प्रदूषण कम करने के प्रयासों को और मजबूत करेगी।
22 अंकों की गिरावट दर्ज की गई
राजधानी में हवा की गति तेज होने व दिशा बदलने से वायु प्रदूषण मध्यम श्रेणी में बरकरार है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 160 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है। इसमें रविवार की तुलना में 22 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार तक एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बरकरार रहेगा। ऐसे में लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी। वहीं, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली।
हवा 12 से 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चल सकती है
मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 12 से 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चल सकती है। वहीं, बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चार-छह किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलने का अनुमान है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 4 से 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चल सकती है। ऐसे में प्रदूषण मध्यम श्रेणी में बरकरार रहेगा। सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 166 दर्ज किया गया, जोकि हवा की मध्यम श्रेणी है। वहीं, नोएडा में एक्यूआई सबसे कम दर्ज हुआ, यहां एक्यूआई 113 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है। गुरुग्राम में 162, गाजियाबाद में 160 और ग्रेटर नोएडा में 158 एक्यूआई दर्ज किया गया।