रायन स्कूल में हुई मासूम की निर्मम हत्या के बाद से स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक बच्चों को स्कूल में पुलिस की सुरक्षा में भेजने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को एसडीएम से मिलने के बाद अभिभावक पुलिस आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। लेकिन कार्यालय में आयुक्त नहीं मिलने से अभिभावकों को दो घंटे के बाद डीसीपी ईस्ट दीपक मुलकात की।
अभिभावकों ने डीसीपी से मांग की कि वह रायन स्कूल में अपने बच्चों को जब ही भेजेंगे जब स्कूल में बच्चों को पुलिस की सुरक्षा मिलेगी अन्यथा वह बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। अभिभावकों ने कहा कि बच्चे डर के मारे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। इसलिए वह अब पुलिस की सुरक्षा में ही बच्चों को स्कूल में भेजेंगे।
अभिभावकों ने डीसीपी को एक मांग पत्र सौंपा। इस पर डीसीपी दीपक सहारण ने कहा कि आपकी मांग को उच्च अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। जितनी भी पुलिस की तरफ मदद होगी पुलिस करेगी। इस पर कई शिकायत अभिभावकों ने डीसीपी के सामने स्कूल के बारे में की। डीसीपी ने अभिभावकों को कहा कि अपका मांगपत्र हमारे पास गया है। एक- दो दिन में पुलिस आयुक्त आपसे मिल लेंगे मिलने के लिए आपके पास फोन कर दिया जाएगा।
लोगों ने पुलिस पर जबरन घर में घुसकर पकड़ने का लगाया आरोप...
स्कूल में तौनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आयुक्त से मिलने आए अभिभावकों में से कुछ महिला अभिभावक ने पुलिस पर उनके पति और पिता को जबरन घर में घुसकर पकड़ने का आरोप लागया है। लोगों का आरोप है कि वह लोग प्रदर्शन में भी नहीं थे और अपने घरों में दरवाजे बंद किए हुए टीवी देख रहे थे। लेकिन पुलिस ने जबरन घर में घुसकर उनके पति को गिरफ्तार कर लिया। उन पर बिना किसी कारण बताए कई धाराएं लगा दी है। महिलाआें ने कहा कि उनसे उनके पति से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। डीसीपी दीपक साहरण मौके पर ही उच्च अधिकारियों से बात कर उनको भोंडसी जेल में मिलने भेज दिया।
लोगों की प्रतिक्रिया....
1.
हम सब घर में बैठे टीवी देख रहे थे। कुछ ही देर में पुलिस जबरन उनके घर में घुस कर उनके पति प्रमोद को गिरफ्तार करके ले गए। पुलिस ने पकड़ने का कोई कारण नहीं बताया। और पुलिस ने पूरी रात हमको दौडाया किसी ने मेरे पति कहां है ये नहीं बताया और नहीं मिलने दिया।
नीतू कामडौज, स्थानीय निवासी
2.
हम सब घर में बैठे थे। घर का दरवाजा बदं था। लेकिन पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई और मेरे पति संजीव को उठाकर ले गए। पुलिस ने कहा कि थोडी देर के लिए ले जा रहे हैं। शाम को छोड देंगे। हमारे पति प्रदर्शन में भी शामिल नहीं थे। हमारे पास घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटैज भी है।
शिखा, कामडौज स्थानीय निवासी
3.
मेरे पिता और हमारा पूरा परिवार घर में बैठे थे। बाहर जोर से शोर आ रहा था। लेकिन पुलिस घर में घुस आई और मेरे पिता को जबरन घर से गिरफ्तार करके ले गए। मेरे पिता बाहर प्रदर्शन में भी शामिल नहीं थे। लेकिन इसके बाद भी पापा पर पुलिस ने इतनी धाराएं लगा दी। ऐसा करना गलत है।
राहुल, स्थानीय निवासी