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दिल्ली: हम महिलाएं हैं, हमको भी सत्याग्रह करने का पूरा हक, हमें अपमानित न करें, महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक की टिप्पणी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आहत

Tue, 08 Mar 2022 06:17 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सिविल लाइन स्थित सीएम आवास के बाहर सोमवार को हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी यूनियन की अध्यक्ष शिवानी कौल ने बताया कि 31 जनवरी से हड़ताल जारी है।
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ऑडियो वायरल
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विस्तार
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हम महिलाएं हैं, हमको अपने अधिकारों के लिए सत्याग्रह करने का पूरा हक है। हमें अपमानित करने का हक किसी के पास नहीं, फिर दिल्ली महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक को ये हक किसने दिया कि वो हजारों आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं को अपमानित करें। सीएम आवास के सामने 36 दिनों से धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह बातें कही हैं, उनका कहना है कि नवलेन्द्र कुमार का एक तथाकथित आडियो सामने आया है जिसमें उन्हें धमकी भरे लहजे में बात करते जा रहा है।

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सिविल लाइन स्थित सीएम आवास के बाहर सोमवार को हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी यूनियन की अध्यक्ष शिवानी कौल ने बताया कि 31 जनवरी से हड़ताल जारी है। जो लोग इसे लीड कर रहे हैं, उनमें से 27 कार्यकर्ताओं को दिल्ली सरकार ने निलंबित कर दिया, एक को पहले ही निलंबित किया था और 26 शनिवार को निलंबित किए गए हैं। करीब 1000 कार्यकर्ताओं को शो काल्ड नोटिस भेजा गया है, ताकि भय पैदा हो और आंदोलन समाप्त हो जाए। शिवानी ने कहा कि महिला बाल विकास के संयुक्त निदेशक कहते हैं, इस धरने को लफंगे लीड कर रहे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन्हें महिलाओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

प्रलोभन देकर आंदोलन समाप्त करने की कोशिश
शिवानी कौल ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को प्रलोभन देकर सरकार शुरू से ही आंदोलन खत्म कराना चाहती है। कुछ वर्करों को सरकार कह रही है कि वो उन्हें हेल्पर से प्रमोट करके कार्यकर्ता बना देंगे और कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर बना देंगे। वो आंदोलन में ना जाएं।
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अब ये है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग
. इनकी अभी मुख्य मांग है कि हड़ताल के बाद किसी कर्मी को प्रताड़ित नहीं किया जाए।
. मानदेय इस प्रकार बढ़े जैसे उनका कार्यभार और मंहगाई बढ़ी है।
. पिछली बार केंद्र सरकार ने 2011 और दिल्ली सरकार ने 2017 में वास्तविक मानदेय बढ़ाया।
. कार्यकर्ताओं का मानदेय 9678 रपये प्रति माह और सहायिका का 4839 रुपया प्रति माह है।
. 2018 में प्रधानमंत्री ने वादा किया था, लेकिन स्कीम वर्करों का मानदेय 41 महीने बाद नहीं बढ़ा।
. इसे 2018 से हमारे एरियर के साथ प्रदान किया जाए।
. कुल 21000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दिल्ली में, 1000 पद खाली, इन्हें भरा जाय।
सरकार को सूचित किया फिर कार्रवाई क्यों?
शिवानी कौल ने बताया कि 27 जनवरी को केंद्र सरकार, महिला बाल विकास विभाग और दिल्ली सरकार को हडताल की सूचना दे दी थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले साल सितंबर से ही अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, उनकी मांगों पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं किया जा रहा। इसके बावजूद सरकार कार्रवाई कर रही है।

अपमान बर्दास्त नहीं करेंगी महिला कार्यकर्ता
- नवलेन्द्र कुमार की आदत है, वो महिलाओं के साथ हमेशा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उनके घर महिलाएं होंगी, उन्हें यह याद रखना चाहिए - सुनीता, प्रहलादपुर
- नवलेन्द्र कह रहे कि आंगनबाड़ी वर्करों को सरफरोशी का चश्का लग गया है, उनको ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, हम खुशी से सड़कों पर नहीं बैठे - ममता, बरवाला
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- सरकार हमारी मांगों को पूरा करे और साबित करे कि वह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही। - फूलवती, पूठखुर्द
- सरकार हमें डराने का जितना भी प्रयास करे, हम हिलेंगे नहीं, नवलेन्द्र कुमार की अभद्र टिप्पणी के बाद आंदोलन और तेज होगा। - बबिता, होलंबी खुर्द

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