इकरा हसन और शिवपाल यादव के बयानों पर पलटवार
इकरा हसन ने कथित तौर पर यह बयान दिया था कि उत्तर प्रदेश में केवल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही भाजपा को हराने में सक्षम हैं और कांग्रेस अपने दम पर कुछ खास हासिल नहीं कर सकती।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, '...तो फिर गठबंधन मत कीजिए। कौन मांग रहा है? क्या हम किसी से भीख मांग रहे हैं? जिसे जो करना है करने दीजिए। जब बरात निकलती है, तो कई ढोल बजाने वाले होते हैं और नाचने-गाने वाले भी होते हैं। इन लोगों को नाचने-गाने दीजिए। हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'
शिवपाल पर भी कसा तंज
इसके अलावा, सपा विधायक शिवपाल यादव के उस दावे पर भी मसूद ने निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि इटावा, मैनपुरी और सैफई जैसे सपा के गढ़ों में कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिलेगा। मसूद ने कहा कि शिवपाल यादव की बातें अब उनकी अपनी पार्टी में भी प्रासंगिक नहीं रह गई हैं।
सपा नेताओं की प्रतिक्रिया और इंडिया ब्लॉक पर असर
समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने इमरान मसूद का नाम लिए बिना परोक्ष हमला बोलते हुए दावा किया कि कुछ कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयानों से आगामी विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक की संभावनाओं को नुकसान पहुंच रहा है।
राजभर ने कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन का फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव द्वारा किया जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बेतुके बयानों का उद्देश्य केवल दबाव बनाना है। साथ ही उन्होंने यह भी तंज कसा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस की ताकत जगजाहिर है।