राजेंद्र सिंह का स्वागत करते गंगा सद्भावना यात्रा के राम धीरज सिंह व अन्य
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जलपुरुष के नाम से मशहूर राजेंद्र सिंह ने गंगा की अविरलता व निर्मलता के मामले में केंद्र सरकार झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गरमी के मौसम में नदी के मूल प्रवाह का सिर्फ 20 फीसदी प्रवाह की बात सरकार मान रही है। सिंह ने चेतावनी दी कि बिना गंगा की अविरलता व निर्मलता के उनकी गंगा सद्भावना यात्रा नहीं थमेगी।
राजेंद्र सिंह ने मंगलवार को एनडी तिवारी भवन में कहा कि गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए स्वामी सानंद से अपने प्राण त्याग दिए। उनकी मूल मांग गंगा एक्ट बनाने के साथ अलकनंदा व मंदाकिनी पर बांधों को रोके जाने की थी।
स्वामी सानंद की मौत के बाद सरकार दावा कर रही है कि उसने 80 फीसदी मांग मान ली हैं। जबकि सरकारी अधिसूचना में एक भी मांग पूरी नहीं कई गई है। राजेंद्र सिंह के मुताबिक सरकार गरमी के मौसम में नदी के मूल प्रवाह का सिर्फ 20 फीसदी प्रवाह की बात कर रही है।
जबकि ए क्लास की नदी का प्रवाह पूरे साल 62 फीसदी, बी क्लास का 40 फीसदी व सी क्लास का 30 फीसदी होना चाहिए। इस हिसाब से सरकार गंगा नदी को डी क्लास का मानकर चल रही है। उन्होंने हैरानी जताई कि यह काम सरकार बगैर नदी की श्रेणी तय किए कर रही है।
इस स्तर पर गंगा नदी 17 रोगाणुओं को नष्ट करने का अपना मूल गुण ही खो देगी। सिंह ने चेतावनी दी है कि अभी वह गंगा सद्भावना यात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान गंगा के सवालों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसकी समाप्ति अगले साल 12 जनवरी को गंगा सागर पर होगी। तब तक सरकार ने स्वामी सानंद के मूल मांगों को पूरा नहीं किया तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एलान किया जाएगा।