पहाड़ों में हो रही बारिश का असर दिल्ली में भी पड़ा है। हथनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से दिल्ली में यमुना नदी का जल चेतावनी स्तर को पार कर गया। इससे सभी संबधित एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। वर्तमान में यमुना का जल स्तर 204.92 मीटर है जो कि खतरे के निशान से 0.09 मीटर ऊपर है।
यमुना नदी दिल्ली में खतरे के निशान से उपर बह रही है। इसे देखते हुए बचाव और राहत कार्यों के लिए 43 नौका तैनात की गई हैं। कश्मीरी गेट के ओल्ड आयरन ब्रिज के पास यमुना का जलस्तर ब्रिज के नजदीक पहुंच गया है। शनिवार को करीब 11 बजे हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 3,11,190 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
हथनीकुंड से छोड़े जा रहे पानी के मामले में दिल्ली का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एसडीएम ईस्ट अरुण गुप्ता ने बताया कि हथनीकुंड से पानी छोड़े जाने की वजह से आज रात 9 से 11 बजे के बीच में यमुना नदी का जलस्तर 205.4 तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हमने दिल्ली के निचले इलाकों में घोषणाएं करनी शुरू कर दी है।
एसडीएम (ईस्ट) अरुण गुप्ता ने जानकारी दी कि, 'हम लोगों को चेतावनी दे रहे हैं कि वो अपने बच्चों और पशुओं को नदी किनारे न जाने दें और ऊपरी इलाकों में चले जाएं। हमने लोगों को ये भी हिदायत दी है कि लोग यमुना में तैराकी के लिए न जाएं। हमने बाढ़ की चपेट में आने वाले 10 संवेदनशील जगहों पर टेंट लगाकर अन्य इंतजाम भी किए हैं।'
शुक्रवार को हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 1,15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने यमुना के किनारे वाले इलाकों में बसे लोगों को अलर्ट जारी किया है।
शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा कि दिल्ली ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 27 जुलाई को शाम सात बजे 204.10 मीटर पहुंच गया था।और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है।
हरियाणा की तरफ से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसका मतलब ये है कि जल स्तर में और वृद्धि होगी। हालांकि विभाग ने कहा कि इससे ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन यमुना के किनारे स्थित गांधी मंडू, न्यू उस्मानपुर, यमुना पुस्ता और सोनिया विहार जैसे निचले इलाकों से लोगों को खाली करवा लिया गया है।