भीषण गर्मी शुरू होने के साथ सेक्टर 23 स्थित संजय कालोनी में पेयजल संकट गहराने लगा है। कालोनी में तीन-तीन दिन सप्लाई का पानी नहीं आने से लोग परेशान है। वहीं पानी किल्लत के कारण प्राइवेट टैंकरों का धंधा भी चल उठा है।
कालोनी के अधिकांश इलाके प्राइवेट टैंकरों के सहारे है। टैंकर नहीं पहुंचे तो लोगों को दूर दराज इलाकों से पानी भर कर लाना पड़ता है। संजय कालोनी में पेयजल सप्लाई नगर निगम के सेक्टर-25 जलघर और गौंछी बूस्टर से आता है। कुछ दिनों से कालोनी में पानी की समस्या बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम द्वारा पानी सप्लाई का कोई समय निर्धारित नहीं है। तीन-तीन दिन पानी नहीं आता है। इसका फायदा प्राइवेट टैंकर चालक उठाते हैं। वर्तमान में कालोनी में करीब 20 प्राइवेट टैंकर पानी सप्लाई करते हैं। मंगलवार को 22 और 33 फुट रोड पर जगह जगह लोग टैंकरों से पानी भरते नजर आए।
कालोनी निवासी राम स्वरूप, गजेंद्र, गोपाल शर्मा आदि का कहना है कि नगर निगम की ओर से सप्लाई किए जाने वाले पानी की गुणवत्त भी बेहद खराब है। लोग इस पानी को केवल घर के कामों में इस्तेमाल करते है।
पीने के लिए टैंकरों से ही भरते हैं, जबकि टैंकरों का पानी भी पीने लायक नहीं होता है। टैंकरों का पानी किस क्वॉलिटी है, इसकी जानकारी निगम के पास भी नहीं होती है। ज्यादातर प्राइवेट टैंकरों को चलाने वालों का निगम के पास कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।
पार्षद जयवीर खटाना ने बताया कि क्षेत्र में आईपीडीएस स्कीम के तहत बिजली उपकरणों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी कारण पावर कट होने से पानी की दिक्कत हो रही है। करीब एक माह तक यह काम अभी ओर चलना है। इस मामले में निगम अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनसे पानी का इंतजाम करने को कहा गया है।
टैंकरों के लिए नियम
नगर निगम एक्ट 1994 के अनुसार शहर में चल रहे प्रत्येक प्राइवेट टैंकरों का रिकॉर्ड विभाग के पास होना चाहिए। यह टैंकर जिस ट्यूबवेल से पानी ले रहे हैं, उसका कनेक्शन भी कमर्शियल होना चाहिए। समय-समय पर पानी के गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।