यादव सिंह प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि एक और मामले ने नोएडा प्राधिकरण की किरकिरी करा दी। अब प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी पर प्लॉट और फ्लैट दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी का मामला प्रकाश में आया है।
आरोप है कि उसने फर्जी आवंटन पत्र थमाकर लोगों से रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने बृहस्पतिवार शाम एसएसपी आवास पर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की है। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया है चौकीदार के पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं। नितिन राठी प्राधिकरण के खेल परिषद प्रकोष्ठ में चौकीदार के पद पर 2010 से तैनात है। सेक्टर-71 निवासी शुभांकर बासु ने प्राधिकरण से शिकायत की।
उसने बताया कि 19 जून 2014 को नितिन ने उसे सेक्टर-72 में प्लॉट संख्या ए-152 का आवंटन पत्र दिया। उसने 452 वर्ग मीटर के इस प्लॉट की कीमत 64 लाख रुपये बताई। शुभांकर ने 6 सितंबर 2014 और 26 फरवरी 2014 को चालान के माध्यम से 25,60,750 रुपये प्राधिकरण के खाते में जमा करा दिया।
नितिन ने 30 लाख रुपये नकद भी ले लिए। इसके बाद आवंटन से जुड़े दस्तावेज शुभांकर के पते पर भेज दिए। इन दस्तावेजों के आधार पर शुभांकर ने रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप पेपर खरीद लिए।
रजिस्ट्री कराने के लिए जब वह काउंटर पर पहुंचा तो रजिस्ट्री कर्मियों ने प्राधिकरण का ट्रांसफर पेपर मांगा, जो कि शुभांकर केपास नहीं था। छानबीन करने पर प्लॉट के फर्जी आवंटन किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद शुभांकर ने नितिन से संपर्क साधा। पहले तो वह इधर-उधर की बात कर घुमाता रहा। बाद में मोबाइल बंद करघर से फरार हो गया।
वहीं एक पीड़ित इंदिरापुरम निवासी अमित कुमार ने भी एसएसपी से बृहस्पतिवार को शिकायत की। उसने बताया कि नितिन ने सेक्टर-122 में ईडब्ल्यूएस फ्लैट के आवंटन के नाम पर उससे चार लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके लिए उसने 70 हजार रुपये का चालान प्राधिकरण के खाते में जमा किया है। अमित ने बताया कि नितिन इसी तरह से फर्जी आवंटन देकर 50-60 लोगों से चार से छह लाख रुपये ऐंठ चुका है। बताया गया है कि चौकीदार ने अपने निजीवाहन चालक को भी इसी तरह ठगा।