याचिका को त्वरित सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर की ओर से दाखिल इस याचिका में घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किए जाने और हिंसा में मारे गये व घायल हुए लोगों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
अधिवक्ता नेहा मुखर्जी ने याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मांग है कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो लोगों को भड़का रहे हैं और नफरत भरे भाषण दे रहे हैं, जिसके कारण उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा हुई।
याचिका में राष्ट्रीय राजधानी और ऐसे क्षेत्र में जहां ‘‘लोगों पर सांप्रदायिक हमले अधिक हो रहे हैं,’’ कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए केंद्र को सेना की तैनाती करने के निर्देश दिए जाने का अनुरोध भी किया गया है।