दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर इस माह वाहन फर्राटा नहीं भर पाएंगे। इसका निर्माण कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में इसके शुरू होने की तारीख फिर आगे बढ़ा दी गई है। अब इसे नवंबर अंत तक या फिर दिसंबर में शुरू करने की बात कही जा रही है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र 2:30 घंटे में पूरा होगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा यमुनापार के ट्रैफिक को भी होगा।
राजधानी में अक्षरधाम से शुरू हो रहे इस एक्सप्रेस-वे का दिल्ली का पैकेज कई माह पहले ही तैयार किया जा चुका है। गांधी नगर के पास एलिवेटेड हिस्से को कई माह से वाहनों के लिए बंद किया हुआ। बताया जा रहा है कि पूरे एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद ही इसे जनता को सौंपने की तैयारी है। वहीं कई तरह की तकनीकी दिक्कतों के चलते भी नियत समय में इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों का कहना है कि भारत माला परियोजना के तहत निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य कई वर्षों से प्रगति पर है। लोगों को अक्षरधाम से देहरादून तक का सफर मात्र ढाई घंटे में कराने वाले इस हाईवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि नवंबर अंत या दिसंबर में इसे जनता के लिए सौंप दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे का शुभारंभ अक्तूबर को होना था लेकिन निर्माण कार्य में बारिश बाधा बनी साथ ही इंटरचेंज आदि का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। ऐसे में तय समय पर यह पूरा नहीं हो पाया। अब बचे हुए काम को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है।
लंबे समय से यमुनापार के लोग कर रहे इंतजार
इस एक्सप्रेसवे से यमुनापार में वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली वालों को इस हिस्से में कोई भी टोल नहीं देना होगा। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में अक्षरधाम, गांधी नगर-गीता कॉलोनी, आईएसबीटी-दिलशाद गार्डन मार्ग, खजूरी पुस्ता मार्ग और सिग्नेचर ब्रिज मार्ग पर एग्जिट और एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। इसमें शास्त्री पार्क रेडलाइट के पास अलग से एक लूप बनाया गया है। इसकी मदद से कश्मीरी गेट बस अड्डे की तरफ से आने वाले वाहनों का हाईवे पर जाना आसान होगा। इसी तरह से खजूरी खास में भी एग्जिट और एंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। लेकिन यह पैकेज कई माह से बन कर तैयार पर शुरू नहीं हो सका है। इस एक्सप्रेसवे का यमुनापार के लाेगों को बेसब्री से इंतजार है।
पार्किंग के लिए एजेंसी की हो रही तलाश
एक्सप्रेस-वे के एलिवेटेड हिस्से के नीचे व किनारे पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए एजेंसी तलाशी जा रही है। राजधानी में रेडीमेड कपड़ों के लिए प्रसिद्ध गांधी नगर मार्केट के आसपास एलिवेटेड हिस्से के नीचे व किनारे खाली भूखंड पर 1000 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग बनाने के लिए तीन स्थान चिह्नित हैं।
इसमें गांधी नगर मार्केट के सामने एलिवेटेड हिस्से के नीचे व उसके किनारे, गीता काॅलाेनी और पूर्वी जिलाधिकारी कार्यालय के पास फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग विकसित की जानी है। इस काम के लिए एनएचएआई ने अपनी सहयोगी कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) को पार्किंग विकसित करने का जिम्मा सौंप रखा है। पार्किंग में फास्टैग से भुगतान होगा। प्रवेश और निकासी पर आटोमैटिक गेट लगे होंगे। इसमें डिस्प्ले बोर्ड होगा, जिससे पता रहेगा कि कितनी जगह भरी व खाली है। इस पार्किंग में सामान भरे टेंपो व आटो, टैक्सी, ट्रक खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।