कुछ नेताओं के अच्छे दिन आ गए राजगद्दी मिल गई, और कुछ के बुरे दिन आ गए राजगद्दी चली गई, हमारी मां यमुना के अच्छे दिन कब आऐंगे।
इसी के इंतजार में यमुना के किनारे भूख हड़ताल पर बैठे हैं लाल बाबा। उन्हें उम्मीद है कि इस ओर भी केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित हो जाए।
बाबा राजधानी के आईटीओ पुल के समीप यमुना के छठ घाट पर भूख हड़ताल के चौथे दिन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान यमुना में फैली गंदगी की ओर आकृष्ट किया।
बाबा ने ऐलान किया कि जब तक यमुना हरियाणा के हथिनीकुंड से लेकर दिल्ली, मथुरा और इलाहाबाद तक प्रवाहमान और स्वच्छ नहीं होगी, तक तक यमुना बचाओ आंदोलन नहीं थमेगा।
बाबा का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से उनसे मिलने व समस्याओं को सुनने के लिए कोई नहीं पहुंचा है।
खुले आसमान के नीचे यमुना किनारे पर भूख हड़ताल पर हैं। बाबा कहते हैं कि यमुना बचाओ आंदोलन को लेकर वे पहले भी हथिनीकुंड तक पदयात्रा कर चुके हैं।
वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में तुरंत प्रभावी पहल करे। लाल बाबा बृहस्पतिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर दिलाने के साथ ही यमुना तट पर लोगों को जागरूक करेंगे।