भाजपा राजधानी में ज्यादातर उन सीटों पर चुनाव हारी है जहां उसके नेताओं ने प्रचार में अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ विवादित बयान दिए थे। इतना ही नहीं जिन 12 सीटों पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैलियां की थी, उनमें केवल तीन सीटों पर ही भाजपा जीत हासिल कर पाई है।
शाहीन बाग के मुद्दे को योगी गरमाए रहे और उन्होंने आप पर प्रदर्शनकारियों को बिरयानी की सप्लाई का आरोप लगाया। योगी की चुनावी रैलियों के बाद भी भाजपा केवल बदरपुर, करावल नगर, रोहिणी में ही जीत हासिल कर पाई।
जनकपुरी सीट पर भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने प्रचार करते हुए विवादित बयान दिया था। इस सीट पर भाजपा के आशीष सूद आप के उम्मीदवार राजेश ऋषि से हार गए। वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि जो कश्मीर व कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ, वह दिल्ली में भी हो सकता है। शाहीन बाग में लाखों लोग जमा हो गए हैं, वह आपकी बहन बेटियों से दुष्कर्म करेंगे।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रिठाला सीट पर चुनावी रैली करते हुए देश के गद्दारों को गोली मारो...का बेहद विवादित बयान दिया। यहां भाजपा उम्मीदवार मनीष चौधरी को आप के मोहिंदर गोयल ने हरा दिया। भारत बनाम पाकिस्तान बयान देने वाले कपिल मिश्रा भी मॉडल टाउन सीट पर हार गए। -एजेंसी
पहली बार गठबंधन में आई आरजेडी की भी किरकिरी
बिहार चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने दिल्ली में पहली बार आरजेडी के साथ गठबंधन किया था, लेकिन आरजेडी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई। वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में जान फूंकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस फिर भी नहीं संभल पाई। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियों के नेता नए सिरे से मंथन करेंगे।