लोकतंत्र के महापर्व पर (मतदान के दिन) 10 अप्रैल को मौसम ठंडा रहेगा। तापमान इतना ज्यादा नहीं होगा, जिससे पोलिंग बूथ स्थल तक जाने में परेशानी हो।
इससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। मतदान की तिथि से पहले और बाद में हल्की बारिश होने से भयंकर गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद है।
रविवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। तापमान 20.2/37.6 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को दिनभर गर्मी का सामना करना पड़ा। अगर 10 अप्रैल को तापमान अधिक रहता है तो मतदान प्रतिशत में कमी आ सकती है।
सुबह को काफी लोग जल्दी घरों से नहीं निकल पाते हैं और दोपहर में गर्मी के चलते घरों से निकलना मुश्किल है। शाम को कई मतदान केंद्रों पर भीड़ रहती है, इससे कई लोग मतदान नहीं कर पाते हैं।
अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को यही डर सता रहा है कि कहीं दस अप्रैल को गर्मी ज्यादा न हो जाए। मौसम विभाग ने मतदान के दिन तापमान सामान्य रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता वीके अग्रवाल का कहना है कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों के साथ ही प्रकृति भी मतदान के लिए प्रेरित कर रही है। 10 अप्रैल को न तो ज्यादा गर्मी रहेगी और न सर्दी। ऐसे में आराम से मतदान करें। मत देने में अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी।