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वॉल्वो की आठ बसें ब्रेक डाउन, यात्री परेशान

Sun, 07 May 2017 09:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
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रोडवेज में मैकेनिकों की कमी का असर यात्रियों पर पड़ रहा है। वॉल्वो की आठ बसें एक महीने से मेंटेनेंस में होने से कारण डिपो में खड़ी हैं। इससे गुरुग्राम से चंडीगढ़ वॉल्वो में जाने वाले 400 से अधिक यात्री प्रभावित हो रहे हैं। लग्जरी गाड़ी नहीं मिलने के कारण अब वह लोग दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। वहीं, अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
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दरअसल, वॉल्वो बसों को ठीक कराने का जिम्मा रोडवेज ने कंपनी को ही दे रखा था। वॉल्वो का रोडवेज पर 55 लाख रुपये बकाया है। जो रोडवेज ने वॉल्वो को अभी तक नहीं दिए। इसकी वजह से कंपनी ने मैकेनिक को वापस बुला लिया और अब खराब बसें मरम्मत नहीं हो रही हैं। बसों की कमी से जूझ रहा रोडवेज विभाग इस मामले में कोई कदम उठाने को तैयार नहीं है। 

रोडवेज को राजस्व का सबसे ज्यादा फायदा देने वाली वॉल्वों बसों की ओर भी विभाग का कोई विशेष ध्यान नहीं है। गुरुग्राम डिपो में वॉल्वो की 20 बसें हैं जो ज्यादातर चंडीगढ़ और गुरुग्राम के बीच चलती हैं। इनमें एक या दो बसें ऐसी है जो आगरा भी जाती हैं। खराब बसें होने के करण यात्रियों को समय पर बस नहीं मिल रही है। 
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रोडवेज पर वॉल्वो का 55  लाख का बकाया
वॉल्वो बसों के मेंटेनेंस रखने का वॉल्वो कंपनी का तीन साल का एग्रीमेंट समाप्त हो गया। इसके बाद वॉल्वो बसों को ठीक करने के लिए रोडवेज ने वॉल्वो को वर्क आर्डर पर काम करने लिए सहमति बनी। 20 बसों के रखरखाव का करीब 55 लाख का बिल रोडवेज के पास बकाया पड़ा है। 

बकाया राशि समय पर नहीं अदायगी होने के कारण वॉल्वो ने बसों का काम रोक दिया और अपने मैकेनिक कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया। 20 में से 5 पांच बसों का एग्रीमेंट वॉल्वो के पास है, जबकि 15 बसों का एग्रीमेंट समाप्त होने के कारण उनका पूरा काम रोडवेज के जिम्मे है। इन बसों का काम वॉल्वो के कर्मचारी रोडवेज के वर्क आर्डर पर काम करते हैं।
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