विजिलेंस टीम ने बिजली चोरी पकड़ने का दावा कर उपभोक्ता को जेल भेजने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूल लिए। पीड़ित उपभोक्ताओं के साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अफसर सुनने को तैयार नहीं हैं।
परेशान उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और एडीजी विजिलेंस को भेजी है। विजिलेंस टीम की मनमानी पर उपभोक्ताओं ने चीफ इंजीनियर के घेराव का ऐलान किया है।
विजिलेंस टीम ने बिजली चोरी के नाम पर कई स्थानों उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की। इन घटनाओं को फर्जी विजिलेंस की कार्रवाई बताकर अफसर टालते रहे, लेकिन इस बार वसूली इनके गले की फांस बन गई है।
मामला विजिलेंस टीम प्रथम से जुड़ा है। विजिलेंस टीम ने कई उपभोक्ताओं पर ओवर लोडिंग और केबल कट कर बिजली चोरी का आरोप लगाया।
उपभोक्ताओं के अनुसार टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजने और घसीटकर गांव में घुमाने की धमकी देकर उन्हें भयभीत किया। इसके बाद कार्रवाई से बचाने के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली की गई।
फिलहाल आठ उपभोक्ताओं से पांच लाख से ज्यादा रुपये की वसूली होने का मामला सामने आया है। पीड़ित उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और एडीजी विजिलेंस को भेजी है। इनका दावा है कि विजिलेंस टीमों से बातचीत की रिकार्डिगिं उपलब्ध है।
विद्युत उपभोक्ता संघ मेरठ मंडल के अध्यक्ष एनकेएस कसाना ने बताया कि विजिलेंस टीम प्रथम ने उपभोक्ताओं पर दबाव बनाकर वसूली की। बिना लिखा-पढ़ी के इनसे लाखों रुपये वसूले गए।
कनावनी गांव के दो उपभोक्ताओं से तीन लाख रुपये लिए गए। इसकी शिकायत एडीजी विजिलेंस और मुख्यमंत्री को भेजी गई है। विजिलेंस आफिस पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।