सूर्य की किरणों की खुराक विटामिन डी का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक स्रोत है, जिस कारण आपके सफल आईवीएफ की संभावना भी बढ़ जाती है। आदिकाल से गर्भवती महिलाओं को गर्भकाल के दौरान विटामिन डी के महत्व के बारे में जानकारी है। विटामिन डी शिशु के विकास में भी एक बड़ा सहायक स्रोत माना जाता है।
इंदिरा आईवीएफ हास्पिटल की आई वी एफ विशेषज्ञ डॉ.सागरिका अग्रवाल का कहना है कि हमें गर्भधारण के दौरान और शिशु के विकास में सहयोग करने वाले विटामिन डी की जानकारी तो लंबे समय से है, लेकिन अब आईवीएफ के इलाज में इसके सकारात्मक परिणाम आने को लेकर किए जा रहे शोध भी बढ़ रहे हैं।
शोध बताता है कि गर्मियों के दौरान महिलाओं में आईवीएफ के इलाज से गर्भधारण की संभावनाएं दोगुनी बढ़ जाती हैं। खोज से पता चला है कि नींद के तौर-तरीकों के लिए मेलाटोनिन हार्मोन जिम्मेदार होता है जिस कारण गर्मियों में महिलाओं के मां बनने की संभावना अधिक हो जाती है। मेलाटोनिन न सिर्फ सोने और टहलने के तौर-तरीके निर्धारित करता है, बल्कि महिलाओं की फर्टिलिटी को भी बढ़ाता है।
डा. पूजा सिंह के अनुसार विटामिन डी के पर्याप्त स्तर से संपन्न जो महिलाएं आईवीएफ उपचार कराती हैं, उनमें उच्च क्वालिटी के भ्रूण निर्मित होने की संभावना अधिक रहती है और उनके गर्भधारण की संभावना भी दोगुनी हो जाती है। अध्ययन से भी संकेत मिलता है कि विटामिन डी का निम्न स्तर इनफर्टिलिटी का कारण बनते हैं।