देशभर में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। अबतक 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में भी बीते कई दिनों से लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। इस बीच 15 दिसंबर को इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया और इसकी शुरूआत जामिया नगर से शुरू होकर जामा मस्जिद, सीलमपुर और जाफराबाद तक पहुंची। इस कानून के खिलाफ राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर जबकि जामा मस्जिद के बाहर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बता दें कि 15 दिसंबर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस पर विश्वविद्यालय के अंदर घुसकर छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद जामिया के छात्रों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली में तीन बसों को जलाए जाने पर जामिया की वीसी नजमा अक्तर ने कहा कि जामिया के छात्रों का इसमें हाथ नहीं है। एक बार के लिए पुलिस पर तीन बसों में से एक बस में आग लगाने का भी आरोप लगा।
वहीं, अब घटना के सात दिन बाद तीन वीडियो सामने आए हैं जिसमें उपद्रवी गाड़ियों में आग लगाते दिख रहे हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया है कि ये वीडियो 15 दिसंबर का है।