मेरठ के बदमाश विनय त्यागी की पत्नी निशी त्यागी अनुराग गर्ग व संदेश वर्मा की वेबवर्क कंपनी में हिस्सेदार है। अभी तक addsbook.com कंपनी में निशी की भूूमिका तीसरी निदेशक के तौर पर सामने आई थी।
विज्ञापन
वेबवर्क कंपनी में इसकी हिस्सेदारी सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने निशी को लिंक लाइक करने की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, निशी त्यागी वेबवर्क में 40 फीसदी की हिस्सेदार है। इसका पता रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से मिली जानकारी पर चला। निशी और संदेश ने वेबवर्क के पंजीकरण में 40-40 हजार रुपये लगाए थे जबकि अनुराग ने 20 हजार रुपये लगाए थे।
विज्ञापन
कंपनी का पंजीकरण एक लाख रुपये की राशि के साथ कराया गया था
webwork company
- फोटो : अमर उजाला
कंपनी का पंजीकरण एक लाख रुपये की राशि के साथ कराया गया था। इसके अलावा निशी addsbook.com कंपनी में तीसरी निदेशक भी है। अभी तक नोएडा पुलिस को वेबवर्क के फर्जीवाड़े में निशि की भूूमिका नहीं मिली थी।
वह addsbook.com कंपनी में निदेशक है और उस कंपनी के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत नहीं है। थाना सेक्टर-20 प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि वेबवर्क कंपनी में निशि की भूूमिका सामने आने के बाद उसे भी केस में आरोपी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मालूम हो कि निशी और विनय त्यागी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। संदेश भी मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसी ने निशी को कंपनी से जोड़ा था। मेरठ निवासी होने के कारण अनुराग गर्ग भी इन्हें जानता था।
राजनीति में आना चाहता है विनय
file photo
- फोटो : अमर उजाला
निशी और विनय काफी समय से मेरठ में ही रह रहे हैं। निशी मुजफ्फरनगर के एक ब्लॉक की प्रमुख भी है। विनय ने फरवरी 2016 में देहरादून के एक बड़े व्यवसायी का हनी ट्रैप के जरिये अपहरण किया था।
इसके बाद उससे एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। मामले में विनय समेत दस बदमाश देहरादून जेल में बंद हैं जबकि एक आरोपी को देहरादून पुलिस अब भी तलाश रही है।
विनय त्यागी ने वर्ष 2007 में मेरठ से विधायक का चुनाव लड़ा था। वह चुनाव हार गया था। इस दौरान उसने मुजफ्फरनगर में ब्लॉक प्रमुख बनने का प्रयास भी किया, लेकिन नाकाम रहा।
इसके बाद उसने पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनवाया। मौजूदा विधानसभा चुनाव में वह एक पार्टी से विधायक का चुनाव लड़ने के लिए जोर लगा रहा था, लेकिन उसे टिकट नहीं मिल सका। वर्ष 2007 में राजनीति में कदम रखने से पहले महिला निदेशक के पति पर एक लाख रुपये का इनाम भी था। राजनीति में कदम रखने से पहले वह किसी बहुत छोटे मामले में दिल्ली में गिरफ्तार हो गया। जेल में सजा काटकर वह बाहर निकला तो उस पर घोषित इनाम खत्म हो चुका था।
वेबवर्क कंपनी के निदेशक संदेश वर्मा की एक महिला मित्र भी पुलिस की जांच के घेरे में है। बताया जा रहा है कि संदेश वर्मा उसे थाईलैंड से लाया था। वह वहां काम करने के लिए गई थी। फिलहाल, वह महिला मित्र नोएडा में ही रहती है।
उसने भी वेबवर्क कंपनी में कई आईडी लगा रखी थी, जिसके एवज में उसे प्रति सप्ताह लाखों रुपये मिलते थे। इसके अलावा संदेश वर्मा खुद भी प्रति माह उस पर लाखों रुपये खर्च करता था। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी के नाम पर खरीदी गई ऑडी कार भी इसी के पास हो सकती है।
पुलिस महिला मित्र का बैंक खाता खंगाल रही है। शिकायतकर्ता अमित किशोर जैन ने भी पुलिस को दी कंपनी के संदिग्धों की सूची में इस महिला मित्र का नाम टॉप टेन में शामिल किया है।
अमर उजाला ने किया था खुलासा
अमर उजाला ने वेबवर्क के आपराधिक कनेक्शन का सबसे पहले खुलासा किया था। अमर उजाला ने 20 फरवरी को ‘बदमाश की पत्नी को बनाया वेबवर्क का वरिष्ठ अधिकारी’ और 27 फरवरी को ‘महिला निदेशक का पता नहीं लगा सकी पुलिस’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में इसका खुलासा किया था।