कहते हैं कि शिक्षित लोग यदि राजनीति से जुड़ें तो वह देश और समाज की बेहतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसी ही सोच ने विमेलश शर्मा को ग्रामीण राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
निठारी की ग्राम प्रधान विमलेश ने बताया कि बचपन से ही वह समाज के लिए कुछ करना चाहती थी। इसके लिए उन्हें अपने पिता से प्रेरणा मिली। लेकिन 19 साल की उम्र में शादी हो जाने के बाद वह किस तरह से समाज सेवा से जुड़े यह उनके लिए बड़ा प्रश्न था।
विमलेश ने कहा कि उनकी शादी के कुछ समय बाद उनके ससुर भजनलाल शास्त्री ने उन्हें बताया कि उनके गांव में अधिकांश लोग अशिक्षित हैं। विमलेश डीयू से ग्रेजुएट थी तो वह इन लोगों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
ससुर की प्रेरणा से विमलेश गांव के लोगों को मुफ्त शिक्षा देने और उन्हें धार्मिक ग्रंथ पढ़कर सुनाने का कार्य करना शुरू किया। धीरे-धीरे गांव में विमलेश की लोकप्रियता बढ़ने लगी और लोगों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।