ट्रॉनिका सिटी की डाइंग फैक्ट्रियां अगरौला गांव को मौत के आगोश में घसीटती जा रही हैं। एक साल में गांव के 22 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। कई कैंसर पीड़ितों का दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अपैरल पार्क औद्योगिक क्षेत्र की डाइंग फैक्ट्रियों से निकलने वाला रसायनयुक्त जहरीला पानी भूजल को जहरीला कर रहा है। इसी से गांव में कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी पैर पसार रही है।
ट्रॉनिका सिटी के अपैरल पार्क औद्योगिक क्षेत्र में जींस रंगाई डाई आदि की दर्जनों फैक्ट्रियां चल रही हैं। अधिकांश उद्यमियों के निजी ट्रीटमेंट प्लांट बंद पडे़ हैं।
साथ ही यूपीएसआईडीसी का सीईटीपी प्लांट भी बंद पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि कुछ उद्यमी जहरीला पानी बोरवेल कर सीधे जमीन में डाल रहे हैं। इससे गांव का भूजल दूषित हो गया है और लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
गांव छोड़ने को विवश हैं ग्रामीण:एक वर्ष के दौरान गांव में करीब दो दर्जन लोगों की मौत के बाद ग्रामीण दहशत में हैं।
कई ग्रामीण अब गांव छोड़ने की तैयारी में हैं। जबकि अधिकांश ग्रामीण पानी भी खरीदकर पी रहे हैं। गांव में पानी की टंकी नहीं है। लोगों ने 210 फुट गहरे सबमर्सिबल बोरिंग करा रखे हैं, लेकिन इतनी गहराई का पानी भी दूषित हो चुका है।
एक वर्ष से समस्या के निराकरण की मांग
बकौल किसान शांति समिति के संयोजक ओंकार त्यागी एवं जिला पंचायत सदस्य पति राजेश गहलौत, एक वर्ष से अपैरल पार्क औद्योगिक क्षेत्र में लगा यूपीएसआईडीसी का सीईटीपी प्लांट बंद पड़ा है।
कई बार अधिकारियों गंदे पानी की निकासी और सीईटीपी प्लांट को शुरू कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
एक साल में कैंसर से इनकी हुई मौत
अगरौला गांव निवासी संजय गुर्जर, राजकुमार, हेमू प्रधान, धर्मपाल प्रधान, बबली प्रधान एवं मांगेराम समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि गांव में कैंसर से करीब 21 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
प्रज्ञा (14) पुत्री सुभाष चंद, भागमल (55) पुत्र गोपीचंद, राजवती (60) पत्नी रमेश चंद शर्मा, पप्पो (50) पत्नी धर्मपाल, राजपाल (55) व कृपाल (60) पुत्र जंगली, ब्रहम (45) पुत्र रामदास, राशि (55) पुत्र दीवान, रोहताश (55) पुत्र हुक्म सिंह, धनपाल (70) पुत्र नूरी, धीरा (56) पुत्र बूचा, बबली (38) पत्नी श्रीपाल, शिशु (40) पुत्र राजपाल, रतन (56) पुत्र हुक्म सिंह, खुब्बी (74) पुत्र हुक्म सिंह, रामदास (50) पुत्र शंकर, नौ माह पूर्व सुनील (36) पुत्र चंद्रपाल, एक वर्ष पूर्व सुरजन (65) पुत्र मुख्तार, लख्मी (60) पुत्र बादाम सिंह, ज्ञानवती (65) पत्नी धन्नी, ब्रहम (60) पुत्र संपत सिंह आदि।