सोहना कस्बे से सटे गांव मंडावर में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह एक तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला। मौके पर मौजूद पुलिस और वन विभाग की टीम देखती रह गई। वन विभाग ने करीब तीन साल के नर तेंदुए के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया, इसके बाद उसका दाह संस्कार किया गया।
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तेंदुए को पीट-पीटकर मारा
- फोटो : PTI
बता दें कि इससे पहले 12 जनवरी 2011 को फरीदाबाद के खेड़ी गुजरान में भीड़ ने एक तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला था। अरावली क्षेत्र में तेंदुए को पीट-पीटकर मारने की यह दूसरी घटना है।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब 8.00 बजे स्कूल जाते हुए मंडावर गांव की एक लड़की ने तेंदुए को देखा था। इसके बाद गांववालों को इसकी सूचना दी गई। करीब 8.30 बजे वन विभाग व पुलिस को भी इससे अवगत कराया गया।
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सोहना में तैनात वन इंस्पेक्टर और गार्ड को तत्काल वहां भेजा गया। तब तक तेंदुए ने एक युवक पर हमला करके उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंच गई और तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही।
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तेंदुए को पीट-पीटकर मारा
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वहीं स्थानीय एसएचओ और सोहना क्षेत्र के एसीपी सुखबीर सिंह भी मौके पर मौजूद थे। यहां से निकलकर तेंदुआ एक घर के बाथरूम में घुस गया और काफी देर वहीं रहा। इसके बाद फार्म हाउस में पहुंचा। वहां पर भीड़ ने जाल डालकर उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह उसे फाड़कर निकल गया।
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पकड़ने के दौरान उसने एक वन इंस्पेक्टर और गार्ड समेत आठ लोगों को जख्मी कर दिया। इस दौरान उसे गांव वालों ने डंडे और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर मार डाला। मौत के बाद भी भीड़ उसे डंडे से पीटती रही।
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तेंदुए के शव को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में लिया। उसके बाद तीन वेटनरी डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव का वन विभाग के आला अधिकारी की मौजूदगी में दाह संस्कार किया गया।
इस मामले में वन एवं वन्य जीव मंत्री नरबीर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गांव में तेंदुए के घुसने से लोग डर गए थे इसी दौरान इस प्रकार का घटनाक्रम हो गया। तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। भीड़ को उकसाने और मारने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।