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ग्रामीणों ने लगाया बोर्ड, यह गांव सवर्णों का है, वोट मांग कर शर्मिंदा न करें

Fri, 18 Jan 2019 09:24 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ तहसील गभाना क्षैत्र के गांव कन्दौली के ग्रामीणों ने केन्द्र सरकार द्वारा एसएी-एसटी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ संविधान में सेशोधन करने का विरोध जताया है और गांव के बाहर बोर्ड लगाकर अपील की है कि गांव सवर्णो का है, यहां वोट मांग कर शर्मिंदा न करें।

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ग्राम कन्दौली में एक वाल्मीकि परिवार को छोड़कर सभी सर्वणों के परिवार है। इस गांव के ग्रामीणों का कहना है कि केन्द्र की भाजपा सरकार किसान और सर्वण विरोधी है। एससी-एसटी मामले में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया था कि पहले मामले की जांच कराई जाए उसके बाद रिपोर्ट दर्ज की जाए।

लेकिन भाजपा की केन्द्र सरकार ने संविधान में संशोधन करके निर्णय किया कि पहले आरोपी जेल जाएगा, उसके बाद जांच होगी। यह निर्णय भाजपा सरकार ने वोट की खातिर किया है। सरकार किसान विरेाधी है, किसानों का गन्ना खेतों में कटा पडा है और ट्रोलियों में लदा है लेकिन पिछले पन्द्रह दिनों से उसे पर्ची नहीं मिली और न ही गन्ना लिया गया है।
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जब कि प्रदेश के गन्ना मंत्री अलीगढ़ के प्रभारी मंत्री भी हैं। किसानों की हालत खराब है और वह परेशान है लेकिन सरकार लम्बे चौड़े वायदे कर रही है। इसको लेकर पूरे गांव के लोगों ने निर्णय लेकर गांव के बाहर रास्ते पर एक बोर्ड लगा दिया है। इस बोर्ड पर लिखा है कि यह गांव सर्वणों का है, कृपया यहां वोट मांग कर शर्मिंदा न करें। इस बोर्ड को लेकर आसपास के क्षेत्रों में काफी चर्चा है।

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