इसी होटल में विकास दुबे के छिपे होने की मिली थी सूचना
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कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला पांच लाख का इनामी विकास दुबे एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। हालांकि इस बार पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसके एक बॉडीगार्ड प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा और दूर के रिश्तेदार पिता-पुत्र श्रवण मिश्रा और अंकुर मिश्रा को धर दबोचा है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार 9एमएम पिस्टल और 45 कारतूस बरामद किए हैं। इनमें दो पिस्टल कानपुर पुलिस से मुठभेड़ के दौरान विकास और उसके गुर्गों ने लूटी थीं। एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को उन्हें विकास दुबे और उनके गुर्गों के बड़खल मोड़ स्थित ओयो गेस्ट हाउस में छिपे होने की खबर मिली थी।
इस पर पुलिस ने अपनी क्राइम ब्रांच की टीमों के साथ होटल को घेर लिया। हालांकि तब तक होटल में ठहरे विकास दुबे और प्रभात वहां से चेकआउट करके जा चुके थे। पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो उसमें विकास दुबे नजर आया।
इसके बाद पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड को खंगाला तो पता चला कि विकास और प्रभात के लिए कमरा बुक कराने में फरीदाबाद के ही इंद्रा कांप्लेक्स में रहने वाले अंकुर मिश्रा की आईडी लगाई गई है। पुलिस तत्काल ही अंकुर के इंद्रा कांप्लेक्स के सेक्टर-87 स्थित मकान नंबर-38 पर पहुंची।
एसीपी ने बताया कि पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मौके से आरोपी प्रभात, श्रवण और अंकुर को गिरफ्तार कर लिया। कार्तिकेय विकास दुबे का पड़ोसी और उसका बॉडीगार्ड भी है।
कानपुर में हुए पुलिस शूटआउट का वह नामजद आरोपी है। श्रवण और अंकुर पिता-पुत्र हैं और विकास के दूर के रिश्तेदार हैं। मूल रूप से कानपुर के ही रहने वाले श्रवण ने करीब आठ साल पहले इंद्रा कांप्लेक्स में मकान बनाया था। पिता-पुत्र दोनों ही शराब ठेकों पर काम करते हैं।