बीके अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेसी
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कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के बाद शहर में राजनीति गर्मा गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मॉक ड्रिल के लिए फरीदाबाद आए थे, इसलिए एक तरफ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी, तो दूसरी ओर विकास के परिजनों को शव भी नहीं सौंपा जा रहा था। हालांकि शहर से मुख्यमंत्री खट्टर के वापस चले जाने के बाद अस्पताल ने विकास के परिवार वालों को उसका शव सौंप दिया।
बता दें कि शुक्रवार सुबह से ही बीके अस्पताल में विकास के परिजन शव की मांग कर रहे थे, लेकिन न सिर्फ उन्हें शव सौंपने से इंकार किया जा रहा था, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। अस्पताल में कोई प्रवेश न कर सके इसके लिए प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। यही वजह है कि सुबह से ही कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और विकास के परिजन, अशोक तंवर के नेतृत्व में बीके अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विकास के भाई गौरव का कहना है कि उनके परिवार को विकास का शव नहीं सौंपा जा रहा है, इससे बड़ा टॉर्चर और क्या होगा परिवार के लिए। आखिर यहां पुलिस क्यों तैनात है। हम सिर्फ अपने भाई का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।
वहीं कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन के कारण बीके अस्पताल के बाहर तनाव का माहौल बना हुआ है। लगातार धक्का-मुक्की चल रही है। एक बार तो लाठीचार्ज की स्थिति तक बन गई थी।
बताया जा रहा है कि विकास चौधरी का शव परिवार को इसलिए नहीं सौंपा जा रहा था, क्योंकि शहर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आए हुए थे। पुलिस को आशंका थी कि कांग्रेस नेता उसका शव लेकर मुख्यमंत्री के सामने प्रदर्शन कर सकते हैं जिससे शहर की कानून-व्यवस्था खराब हो सकती है। पहले से ही माना जा रहा था कि सीएम के जाते ही शव सौंप दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का सीएम के प्रति रोष है। उनका कहना है कि सीएम मॉक ड्रिल देखने तो पहुंच गए लेकिन राज्य में इतनी बड़ी घटना हो गई और वह परिवार से मिलने तक नहीं आए।