गुरुग्राम विधायक उमेश अग्रवाल से ब्लैकमेलिंग कर तीन करोड़ की रकम मांगने के मामले में पकड़े गए कथित पत्रकार विजय शुक्ला ने कई खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसने अपने न्यूज पोर्टल के दफ्तर के लिए दुकान का सौदा कर रखा था। इसमें अगस्त के पहले सप्ताह में उसकी रजिस्ट्री होनी है।
रजिस्ट्री के लिए 45 लाख की रकम का इंतजाम करने के लिए आरोपी ने विधायक के डॉक्टरेट वीडियो तैयार कर ब्लैकमेलिंग का पूरा खेल रचा था। पुलिस के एक आला अधिकारियों के अनुसार इस मामले में कई और लोगों की भूमिका सामने आई है, जिसकी पुलिस पुष्टि कर रही है। शनिवार को रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस हाईप्रोफाइल मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दिल्ली हरीनगर आश्रम स्थित दफ्तर और आवास से कंप्यूटर, मोबाइल समेत अन्य सामान जब्त कर लिया है। पुलिस रिमांड में आरोपी ने बताया कि हरीनगर में दफ्तर के लिए उसने दुकान का सौदा 70 लाख में तय किया था। इसके लिए समझौता पत्र के आधार पर 25 लाख रुपये पेमेंट कर दी जबकि 45 लाख रुपये बाकी थी। अगस्त के पहले सप्ताह में दुकान की रजिस्ट्री होनी है। इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं होने से आरोपी परेशान था।
बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने विधायक के खिलाफ कुछ विडियो क्लिप उपलब्ध कराई और उनके डॉक्टरेट विडियो बनाकर विधायक से सौदा करने कहा। बताया जा रहा है कि विधायक की ओर से कराई गई वैष्णों देवी यात्रा समेत विधायक पर लगे दुष्कर्म के आरोप से संबंधित कुछ दस्तावेज और वीडियो थे।
आरोपी ने कई लोगों के साथ मिलकर इन्हें इस तरीके से एडिट किया जिससे विधायक की छवि खराब हो। इसके लिए उसने दिल्ली दुष्कर्म से जुड़े मामले की एक खबर अपने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल के माध्यम से प्रसारित भी कर दी थी। उसने यह संदेश पहुंचाया कि विधायक के खिलाफ उसके पास ऐसे कई साक्ष्य और विडियो है जिससे उनके राजनैतिक करियर पर असर पड़ सकता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक योजना के तहत उसने विधायक के साथ मीटिंग कर उनसे तीन करोड़ की रकम की डिमांड कर डाली। इसके बावजूद जब बात नहीं बनी तो वह उन्हें लगातार ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी की ओर से जिन लोगों के नाम लिए गए है पुलिस उनकी भूमिका भी जांच रही है। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन के मुताबिक आरोपी की रिमांड पूरी होने पर शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।