हरियाणा सीमा में फरीदाबाद की ओर पैदल जाने वालों की संख्या को देखते हुए दक्षिण-पूर्वी जिले की पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। पुलिस के जवानों को चौक के घेरे में खड़े होकर एक मीटर की दूरी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। घरों की ओर पैदल जाने वालों की मदद के लिए दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर काम कर रही है।
कोरोना वायरस से हुए लॉकडाउन में मजदूर हरियाणा में अपने जिलों की ओर बढ़ रहे हैं। इनकी मदद के लिए गाड़ियों से लेकर भोजन तक का इंतजाम कराया जा रहा है।
पूरे देश में लॉकडाउन के आदेश होने के बाद से मजदूर वर्ग में भगदड़ का माहौल है। बदरपुर बॉर्डर पर मथुरा, पलवल, झज्जर सहित अन्य जिलों के लिए मजदूर पैदल ही जा रहे हैं। इनकी जांच के लिए पुलिस भी मुस्तैद है। पुलिस ने एक मीटर का घेरा बना रखा है। उस घेरे में खड़े कर मजदूरों से जाने की वजह पूछी जा रही है।
बगैर ठोस वजह के पुलिस किसी भी शख्स को बॉर्डर पार नहीं करने दे रही है। बॉर्डर पर ऐसे भी मजदूर पहुंच रहे हैं, जो भूखे-प्यासे हैं। ऐसे लोगों को पुलिस की तरफ से भोजन मुहैया कराया जा रहा है। उन्हें समझाकर पहले के स्थान पर रुकने की अपील भी की जा रही है, लेकिन वे इस कदर भयभीत हैं कि अपने गांव जाने पर अड़े हुए हैं।
उधर, कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भी नोएडा की ओर जाने वालों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है। पुलिस इन लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ये मानने को तैयार नहीं हैं। किसी तरह मजदूर दिल्ली बॉर्डर पार कर लेते हैं तो आगे उन्हें यूपी के नोएडा बॉर्डर पर रोक लिया जा रहा है। इससे बचने के लिए लोग कस्बों के रास्तों का सहारा ले रहे हैं।
दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी आरपी मीणा का कहना है कि वे लगातार सभी क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को लॉकडाउन के कारण मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के निर्देश दे रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए पुलिस की तरफ से हर स्तर पर मदद की जाएगी। बेवजह घरों से निकलने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है।
मेडिकल जांच का भी है इंतजाम
बॉर्डर पर कोरोना वायरस के संदिग्ध संक्रमित लोगों की मेडिकल जांच भी की जा रही है। किसी भी संदिग्ध के मिलने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा है।