हमारे देश में अब तक यह परंपरा रही है कि दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती के तौर पर ही याद किया जाता रहा है। इस दिन सरकारी कार्यक्रमों की औपचारिकता और टीवी पर गांधी फिल्म की प्रस्तुति का आम चलन रहा है। लेकिन इस बार यह दिन पूरे देश में कुछ अलग ढंग से मनाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को एक मिशन के साथ जोड़ दिया। प्रधानमंत्री का मानना है कि राष्ट्रपिता को असली श्रद्घांजलि सिर्फ उन्हें याद करके नहीं दी जा सकती। इसके लिए जरूरी है कि हम उनके लिए कुछ करके दिखाएं।
इंडिया गेट से स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत करने के मौके पर उन्होंने इस ओर संकेत करते हुए कहा कि गांधी जी केवल आजाद भारत का ही सपना नहीं देखते थे। उनका सपना था कि भारत स्वतंत्र देश होने के साथ ही एक स्वच्छ देश भी बने।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने उस जगह से स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत की जहां महात्मा गांधी 214 दिन रहे थे। इस इलाके में वाल्मीकि समाज के लोग बहुतायत में रहते हैं। गांधी जी यहां प्रवास के दौरान साफ-सफाई का पूरा काम खुद ही किया करते थे।