बाइक बोट करोड़ों के फर्जीवाड़े में फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग व मुख्य आरोपियों की संपत्ति जब्त करने को लेकर निवेशक अड़े हुए हैं। निवेशकों ने पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग के लिए रविवार को 10 किमी लंबी पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया है। निवेशक प्रशासन को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपेंगे।
कोट गांव स्थित बाइक बोट के दफ्तर पर निवेशकों का चार माह से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। शनिवार को कोट गांव में बाइक बोट कंपनी के दफ्तर के सामने निवेशकों का धरना जारी रहा। लंबे समय से धरने पर होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन ने उनकी मांग पूरी नहीं की है। इसको लेकर धरने पर बैठे निवेशकों में रोष है। आरोप है, कई आरोपी जिनमें 25 हजार के इनामी भी हैं, अब तक फरार हैं।
निवेशक मुन्ना वालियान ने बताया कि एक जून से निवेशक कोट गांव में बाइक बोट कंपनी के दफ्तर के सामने धरने पर बैठे हैं। दो माह पहले एसआईटी ने राज्य सरकार को लिखित में दिया कि मामला अरबों की ठगी का है। इनमें करीब 58 आरोपियों के नाम बताए गए थे, जिनमें बीएन तिवारी मास्टरमाइंड है। इसके अलावा संजय भाटी और उसके करीबियों की संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई नहीं की गई है। संजय भाटी के कई करीबी अभी भी फरार हैं।
‘नए कानून के तहत हो कार्रवाई’
निवेशकों ने बताया कि केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2019 को चिटफंड कंपनियों द्वारा निवेशकों की रकम हड़पने पर कानून बनाया था। ऐसे मामलों में संपत्ति जमा, पाबंदी योजना आदि कानून बनाया था। इस कानून के तहत बाइक बोट कंपनी के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। 13 अक्तूबर को निवेशक कोट गांव स्थित बाइक बोट ऑफिस से पैदल करीब 10 किलोमीटर चलकर दादरी तहसील पहुंचेंगे। वहां से तहसील के लिए मार्च करेंगे।