दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के 125वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के 125वें स्थापना दिवस पर कहा कि छात्रों के जरिये की विकसित भारत का सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू कॉलेज देश के स्वतंत्रता संग्राम का साक्षी रहा है। कॉलेज ने स्वतंत्रता आंदोलन को पोषित किया है।
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छात्रों को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि धनखड़ ने कहा कि असफलताओं का सामना इस बात का प्रमाण हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असफलता से कभी न डरें, डर आपके विकास में बाधा नहीं बन सकता है।
भाई-भतीजावाद व पक्षपात से ठगा महसूस करते हैं युवा : धनखड़ कहा कि उन्हें भविष्य के लीडर यानी देश के युवाओं पर भरोसा है। भ्रष्टाचार युवाओं के दिमाग के लिए सबसे बुरा है। युवा इससे नफरत करते हैं, क्योंकि वे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पक्षपात से ठगा हुआ महसूस करते हैं। कानून का सम्मान, राष्ट्रवाद का सम्मान है। कानून का सम्मान लोकतंत्र का सम्मान है। वहीं, यह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का सम्मान है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राष्ट्रवाद की कीमत पर अराजकता फैला रहे हैं। वे हर चीज को नजरअंदाज करते हैं। देश को बर्बाद करने की खतरनाक योजना में लगे रहते हैं।
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छात्रावास की रखी आधारशिला
की आधारशिला रखी और कॉलेज के सामने के लॉन में पौधरोपण किया। साथ ही, उन्होंने एक कॉफी टेबल बुक, ‘एक और दिन की यादें-संस्मरण मैं हिंदू’ शीर्षक वाला एक संग्रह और एक स्मारक सिक्के का अनावरण किया। इस अवसर पर पूर्व गृह सचिव राज भार्गव और श्रीकृष्ण मेहरा को ‘सार्थक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। धनखड़ ने डीयू में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले हिंदू कॉलेज के छात्रों को पुरस्कार भी प्रदान किए। वहीं, प्रिंसिपल प्रो. अंजू श्रीवास्तव ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के लिए कॉलेज की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस दौरान डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, हिंदू कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष टीसीए रंगाचारी के साथ कई लोग कार्यक्रम में शामिल रहे।