प्रख्यात शायर पंडित आनंद मोहन जुत्शी ‘गुलजार देहलवी’ के सम्मान में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा, ‘देहलवी के बाद बोलना सितम है और उनके बारे में बोलना बेअदबी। वह सेक्टर-26 क्लब में मंगलवार को गुलजार देहलवी को 91वें जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे थे।
उपराष्ट्रपति ने संबोधन की शुरुआत देहलवी की लिखी पंक्तियों ‘गुलजार आबरू-ए-अदब अब हमीं से है। दिल्ली में अपने बाद ये लुत्फे सुखन कहां’ से की। उन्होंने देहलवी को जन्मदिन की बधाई देते हुए शख्सियत बरकरार रहने की दुआ की।
वहीं, जब प्रख्यात शायर को केवल पांच मिनट बोलने को कहा गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि दरिया को कूचे में बंद करना है। उन्होंने लोगों की दुआओं पर अर्ज किया, ‘बड़ी मुसीबत है लंबी जिंदगानी।
अजीजों की दुआओं ने मार डाला’। उपराष्ट्रपति के पास समय कम है और जल्दी जाने की बात पर उन्होंने कहा, ‘महबूब ज्यादा खूबसूरत हो तो उसके आशिक बहुत निकल आते हैं’।