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Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण का बड़ा कारण वाहन, CAQM की शीर्ष कोर्ट में याचिका, कहा- आदेश की हो समीक्षा

Thu, 11 Dec 2025 03:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

सीएक्यूएम ने 300 से अधिक पन्नों के हलफनामे में कहा, दिल्ली-एनसीआर में खराब वायु गुणवत्ता के प्रमुख कारणों में से वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। 
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Delhi Air Pollution - फोटो : AI
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विस्तार
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से उत्सर्जन को वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से उसके 12 अगस्त के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। इस आदेश में शीर्ष कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। 

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सीएक्यूएम ने 300 से अधिक पन्नों के हलफनामे में कहा, दिल्ली-एनसीआर में खराब वायु गुणवत्ता के प्रमुख कारणों में से वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। इसमें कमी लाना एनसीआर वाले राज्यों की सरकारों और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (जीएनसीटीडी) के साथ आयोग की चर्चाओं के मुख्य फोकस क्षेत्रों में से एक रहा है।

उपाय सुझाते हुए सीएक्यूएम ने कहा, वाहन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए बीएस-3 और उससे नीचे के मानक वाले वाहनों को सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त के आदेश के दायरे से बाहर रखा जाना जरूरी है। सुझाव दिया कि राज्य सरकारें और जीएनसीटीडीवाहन एग्रीगेटरों की नीतियों को शीघ्रता से अधिसूचित करें और अक्तूबर से जनवरी तक सड़क पर शून्य पार्किंग नीति की निगरानी व सख्त प्रवर्तन के लिए पोर्टल विकसित करें।
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दीर्घकालिक उपायों के तहत, सीएक्यूएम ने एनसीआर वाले राज्यों की सरकारों को दोपहिया, तिपहिया, कार, बस और वाणिज्यिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की प्रक्रिया तेज करने की सलाह दी। इसके लिए अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों की समीक्षा का सुझाव दिया, जिसमें स्पष्ट समयसीमा और कार्यान्वयन योजनाएं शामिल हों।

लग्जरी वाहनों, एसयूवी पर पर्यावरण शुल्क बढ़े
सीएक्यूएम ने सुझाव दिया कि लक्जरी श्रेणी के वाहनों, 2000 सीसी और उससे अधिक क्षमता वाली डीजल कारों/एसयूवी पर पर्यावरण संरक्षण शुल्क को बढ़ाया जाए, जैसा कि 12 अगस्त, 2016 के आदेश में निर्धारित है। इस प्रकार जुटाई धनराशि का इस्तेमाल एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सीएक्यूएम के परामर्श से किया जा सकता है। 

  • आयोग ने सुचारू और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए दिल्ली और प्रमुख शहरी क्षेत्रों, विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत में एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली को लागू करने की बात कही।

यूपी, हरियाणा की डीजल बसों से प्रदूषण
सीएक्यूएम ने कहा कि दिल्ली में सभी सार्वजनिक बसें स्वच्छ ईंधन पर चल रही हैं, जिसमें सीएनजी और ई बसें शामिल हैं, पर हरियाणा, यूपी, राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बीएस-4 या उससे कम की डीजल बसें चल रही हैं। 

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