सिहानीगेट थाना पुलिस ने दो हजार से अधिक लग्जरी कार चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पांच कार और चोरी में प्रयोग करने वाले उपकरण बरामद किए हैं। गाड़ियों के फर्जी कागजात तैयार कर आरोपी चोरी किए वाहनों की चेचिस बदलकर जम्मू-कश्मीर में बेच देते थे। आरोपी एनसीआर में 15 साल से चोरी कर रहे थे।
मंगलवार को सिहानीगेट थाना पुलिस को बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। सीओ द्वितीय आतिश कुमार ने बताया कि सिहानीगेट थाना प्रभारी संजय पांडेय व उनकी टीम ने ऑप्यलूंट मॉल के पास से एनसीआर क्षेत्र में कार चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, गाजियाबाद, नोएडा समेत कई जिलों से लग्जरी कार चोरी करते थे।
आरोपियों ने अपना नाम इरशाद उर्फ सुकड़ी निवासी गांव व थाना सिखैड़ा मुजफ्फरनगर, इदरीश उर्फ समीर निवासी बी-163 अंबेडकर कॉलोनी टीला मोड़ गाजियाबाद, प्रवीण उर्फ नवीन उर्फ नेताजी निवासी गांव सेंत कुआं थाना खरखौदा मेरठ बताया। आरोपियों ने बताया कि वह वाहन चोरी करने के लिए बैटरी चलित ड्रिल मशीन, पेचकश व फर्जी चाबियों का इस्तेमाल कर गाड़ी चोरी करते थे। तीनों ने एनसीआर से करीब दो हजार से अधिक लग्जरी कार चोरी की है। आरोपियों से पांच कार के अलावा, नंबर प्लेट, हथौड़ा, पेचकस, इंजन भी बरामद किया है।
चोरी करते ही बदल देते थे चेचिस नंबर
आरोपी कार चोरी करने के बाद सबसे पहले अंधेरे में उसका चेचिस नंबर बदल देते थे। साथ ही फर्जी कागज भी रखते थे। पुलिस चेचिस नंबर को चेक करती थी, तो उसे पता ही नहीं चलता था कि नंबर दोबारा से डाला गया है या नहीं।
20 सेकेंड में तोड़ देते थे किसी भी गाड़ी का लॉक
आरोपी 20 सेकेंड में किसी भी महंगी से महंगी कार का लॉक तोड़ देते थे। इनके पास से सैकड़ों की संख्या में मास्टर चाबी, चेचिस नंबर लिखने वाले लोहे के उपकरण, लॉक तोड़ने वाली ड्रिल मशीन बरामद की है। बताया कि इतनी तेजी से लॉक तोड़ने का काम करते थे कि सामने वाला कुछ समझ ही नहीं पाता था।
15 साल से कर रहे चोरी
आरोपी 15 साल से एनसीआर से कार चोरी करने का काम कर रहे हैं। महंगी कारों को जम्मू-कश्मीर में बेचते हैं। जबकि छोटी व पुरानी कारों को मेरठ या आसपास के लोगों को 50 से 70 हजार रुपये के बीच में बेच देते थे।
रिमांड के बाद बरामद होंगी कई कारें
आरोपियों से अभी पांच कारें ही बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि रिमांड के बाद आरोपियों से काफी संख्या में कार बरामद की जा सकेंगी। पता चला है कि डासना में भी कई लोगों को कार दे रखी हैं। पुलिस चोरी की कार खरीदने वाले लोगों के यहां से भी कार बरामद करेगी।
आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल
आरोपी पूर्व में कई बार जेल जा चुके हैं। तीनों पर करीब 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, अलीगढ़ समेत कई जिलों में विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस एक बार मुठभेड़ के बाद जेल भेज चुकी है।
घर या दुकान के बाहर खड़े वाहनों को करते हैं चोरी
आरोपी घर के बाहर, सड़क किनारे और बाजार में खड़ी होने वाली लग्जरी कारों को निशाना बनाते थे। पहले वीआइपी कॉलोनियों में जाकर रेकी करते थे। उसके बाद चोरी करते थे।