दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शातिर वाहन चोर मनोज बक्करवाला के बेटे को मुठभेड़ के बाद रोहिणी इलाके से बुधवार सुबह गिरफ्तार किया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेटा भी पिता मनोज बक्करवाला की तरफ अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाना चहाता था। वह अपने पिता को ही आदर्श मानता था। दिल्ली पुलिस ने बेटे की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी रंगदारी नहीं देने पर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की साजिश रच रहा था।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को सूचन मिली थी कि हाल में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दंगदारी मांगने वाला मनोज बक्करवाला का बेटा आशीष अपने साथियों से मिलने रामचौक, पुलप्रह्लादपुर, रोहिणी में बुधवार तड़के स्कूटी से आएगा। आरोपी कोई अपराध करने की साजिश रच रहे हैं। एसीपी जसवीर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह व इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक की टीमों ने यहां घेराबंदी की।
पुलिस टीमों ने आशीष को सरेंडर करने को कहा तो उसने स्कूटी छोड़ दी और पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर गोली चला दीं। एक गोली एसआई अनुकूल को लगी, मगर बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण एसआई अनुकूल बच गए। बदमाश ने दूसरी गोली सिपाही भूपेन्द्र की तरफ चलाई। बचाव में पुलिस टीम ने भी गोली चलाई। एक गोली आशीष के सीधे पैर में लगी। सिपाही भूपेन्द्र ने आशीष के हाथ से पिस्टल छीनने की कोशिश की। इस दौरान आशीष की पिस्टल से हवा में एक गोली और चल गई। आखिरकार गांव बक्करवाला, दिल्ली निवासी आशीष(20) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पिस्टल, तीन कार व मौके से तीन खोल मिले।
भद्दी टिप्पणियां करने पर दोस्त की हत्या कर दी थी
आशीष ने वर्ष 2017 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। आरोपी ने बताया कि वह साथी अमित उर्फ बीडी, रवि, रोहित और भोली के साथ शराब पीता था। इस दौरान भोली उसके परिवार की महिलाओं को लेकर भद्दी टिप्पणी करता था। इस पर आशीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर भोली की हत्या कर दी थी और शव को बवाना नहर में फेंक दिया था। रणहौला पुलिस ने आशीष व उसके साथियों को हत्या की इस वारदात में गिरफ्तार किया था। फरवरी, 20 में ये जेल से बाहर आया था। बाहर आकर ये रंगदारी मांगने लगा।
पिता की तरह अपराध की दुनिया में नाम कमाना चहाता था
मनोज बक्करवाला दिल्ली समेत कई राज्यों में शातिर वाहन चोर के नाम से प्रसिद्ध है। ये पुलिस के सामने ही गाड़ी चुरा लेता था। मनोज के खिलाफ वाहन चोरी व पुलिस टीम पर हमला करने के 60 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हैं। आशीष अपने पिता को आदर्श मानता था और पिता की तरह अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाना चहाता था। इसने अपने साथियों के साथ बक्करवाला गांव में रहने वाले सतपाल के घर पर फायरिंग की थी और एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। इसी तरह फायरिंग कर एक डॉक्टर से भी एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। आशीष एक करोड़ के रंगदारी नहीं देने पर अपने ही गांव के एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की साजिश रच रहा था।