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ताजा सब्जियों के पीछे छिपा है एक खतरनाक धोखा

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एलईडी लाइट का कमाल, टमाटर हुआ लाल...। जी हां, जैसी सब्जी, वैसे रंग की एलईडी लाइट। शाम के समय एलईडी जितनी चमकेगी, सब्जियां उतनी ही ताजी व चमकदार दिखेंगी। साथ ही, सब्जियों के दाम भी बढ़ाने में आसानी होगी।
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दिल्ली-एनसीआर के साप्ताहिक बाजारों व हाट में इन दिनों ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए ऐसी रंगबिरंगी लाइट का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है।

इन लाइट की खासियत यह है कि सूखे, पीले पड़े और कीड़े वाली सब्जियां, निशान, दाग लगी सब्जियों पर रोशनी पड़ने के बाद इतनी चमकती हैं कि ग्राहक को उसकी वास्तविक स्थिति का अहसास नहीं हो पाता और वह एक नजर में ही धोखा खा जाता है। घर पर सब्जी ले जाने पर वास्तविक रोशनी या फिर सुबह पूरा माजरा खुल जाता है।

इसके बाद ग्राहक को खुद के ठगे जाने का अहसास होता है। सेक्टर-62 में ग्राहक अनिल वशिष्ठ ने बताया कि सब्जियां खरीदने के बाद जब वे घर पहुंचे तो सब्जी की रंगत ही बदल गई।
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एलईडी से अनार हुआ और चटख लाल

सुबह पता चला कि सब्जियां सूखी और दाग वाली भी हैं। एलईडी लाइट के कमाल से ग्राहकों को भ्रमित करके सब्जियां बेहतर दिखाने और दोगुने दाम पर बेचने का धंधा शहर में खूब चल रहा है।

फल विक्रेता भी ऐसी लाइट का उपयोग फलों का रंग व चमक बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। बाजार में लाल एलईडी की रोशनी पड़ते ही अनार बढ़िया दिखने लगता है। तरबूज का रंग और लाल हो जाता है। केले को तरोताजा दिखाने के लिए पीली एलईडी इस्तेमाल होती है।

बाजार में ऐसी लाइट 20 रुपये रोजाना के दर पर किराये पर मिलती हैं। सब्जी व फलों के विक्रेता शाम के समय जैसे ही दुकानें लगाते हैं। लाइट को किराये पर देने वाला उनके पास पहुंच जाता है।
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15 किस्म की एलईडी से हो रहा खेल

खास बात यह कि बुधवार को सेक्टर-62 के एक बाजार में टमाटर, अनार, तरबूज और सेब की ठेली पर लगाने के लिए लाल लाइट की मांग बढ़ी हुई थी। पुराने आलू पर भी सफेद और लाल के मिश्रण की एलईडी से कारनामा किया जा रहा था।

बाजार में करीब 15 किस्म की एलईडी (लाइट एमिटिंग डायोड) से यह खेल चल रहा है। इसमें पीला-सफेद, हरा-पीला, पीला-लाल, पीला, हरा, लाल, मर्करी व्हाइट, बैंगनी समेत कई प्रकार की लाइट हैं। इसकी कीमत 150-200 रुपये होती है। यह छह वोल्ट की बैटरी पर करीब पांच घंटे आराम से चल जाती है।

कोई भी विक्रेता ग्राहकों को भ्रमित कर ऐसी कोई वस्तु नहीं बेच सकता। मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी।- विनय कुमार, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग
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