बारिश के सीजन में आवक की कमी के कारण सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, लेकिन इस बार बारिश के बावजूद ज्यादातर सब्जियों के दाम सामान्य बने हुए हैं। खुले बाजार में आलू 30 रूपये किलो के आसपास बिक रहा है तो टमाटर 40 से 60 रूपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। लेकिन इसके आलावा शेष सब्जियों लौकी, पालक, तोरी, करेला और भिंडी के दाम सामान्य बने हुए हैं। इसे कोरोना के कारण बड़े रेस्टोरेंट्स-होटलों के बंद होने के कारण मांग में आई कमी के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच डीजल की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। माना जा रहा था कि इससे ट्रकों से सब्जियों की आवक लागत में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल इस कारण से भी सब्जियों की कीमतों में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक किसानों के पास इस समय सब्जियों को किसी भी तरह निकालने का दबाव है, इस कारण सब्जियों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं।
आजादपुर फल-सब्जी मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि सभी सब्जियों की आवक सामान्य बनी हुई है। वर्षा काल की शुरुआत के समय सब्जियों के एक फसल के समाप्त होने और दूसरी सब्जी के आने के बीच के लगभग एक महीने के दौरान सब्जियों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी होती है जो सामान्य मानी जाती है। इस वर्ष टमाटर के दामों में कुछ बढ़ोतरी हुई थी जो हिमाचल के शिमला की टमाटर की फसल आने के बाद सामान्य हो गई है।