ओवर साइज बॉडी वाले कंटेनर व ट्रकों को फिटनेस प्रमाण पत्र दिए जाने के मामले में मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्टरों को एक साल की राहत दे दी है। इसी के साथ जिले में खड़े 9300 ट्रक व कंटेनर बुधवार की आधी रात से सड़क पर फिर से उतर आए।
ज्ञात हो कि परिवहन विभाग ने ओवर साइज बॉडी वाले कंटेनरों व ट्रकों को फिटनेस प्रमाण पत्र देने पर रोक लगा दी थी। जो गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही थी उनका चालान किया जा रहा था। इसी बात को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी थी। इसका असर उद्योगों की माल सप्लाई पर पड़ रहा था।
बुधवार को ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि मंडल ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने ओवर साइज बॉडी फिटनेस के लिए उन्हें एक साल का वक्त दिया है।
इसके लिए ट्रांसपोर्टरों को दो लाख रुपये सिक्योरिटी का शपथपत्र देना होगा। एसोसिएशन के महासचिव सुभाष कौशिक ने बताया कि उनकी मांग थी कि 40 साल से चली आ रही व्यवस्था को बदलने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए।
क्योंकि सड़क पर दौड़ रहे ट्रकों व कंटेनरों की ओवर साइज बॉडी को तत्काल ठीक चलाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने समस्या को गंभीरता से सुना और ट्रांसपोर्टरों ने सरकार की शर्त का पालन करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि अभी तक जिन गाड़ियों के चालान ओवरलोडिंग के कारण किए गए हैं उन्हें वापस किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा, उपाध्यक्ष इंद्रपाल, नारायण दास बबेजा, अनिल राठी व जोगिंदर सिंह शामिल थे।