वारदात को अंजाम देने के लिए वह सावधान इंडिया कार्यक्रम देखता था, मगर उसने उस तरीके से वारदात को अंजाम नहीं दिया। माता-पिता व बहन की हत्या के बाद वह काफी देर बैठा रहा। इसके बाद उसने अलमारियों को खोलकर सामान बिखरा दिया। ताकि लगे की लूटपाट के लिए घर में तीन हत्याएं हुई हैं। डीसीपी देवेंद्र आर्य ने बताया कि आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसे जो खाने को दिया जा रहा था, वह आराम से खा रहा था।
परिजनों के सामने स्वीकार की हत्या की बात
मिथिलेश के परिजन ने आरोप लगाया था कि पुलिस सूरज को बेवजह फंसाया रही है। डीसीपी देवेंद्र आर्य ने बताया कि परिजनों के इस आरोप को दूर करने के लिए गुरुवार सुबह सूरज को परिवार के अन्य सदस्यों से मिलवाया गया। आरोपी परिजनों के सामने माता-पिता व छोटी बहन की हत्या की बात स्वीकार की। इसके बाद परिजन सूरज को छोड़कर चले गए। मिथिलेश के भतीजे शिवप्रताप ने बताया कि सूरज ने उसके परिवार के सदस्यों के सामने माता-पिता व बहन की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
15 अगस्त से ही वारदात करने की ठानी
पुलिस के अनुसार 15 अगस्त को दिनभर पतंग उड़ाने को लेकर मिथिलेश ने सूरज की गली में पिटाई की थी। सूरज को लगा कि गली में पिटाई होने से उसकी बेइज्जती हो गई है। तब से उसने ठान लिया था कि वह पिता की हत्या कर देगा। डीसीपी ने बताया कि मिथिलेश, सिया व नेहा केशव का गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम हो गया। इसके बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए। परिजन गुरुवार दोपहर को शवों को लेकर कन्नौज, यूपी के लिए रवाना हो चुके हैं।