अमर उजाला में पिछले चार दिनों से छप रही खबरों का असर शुक्रवार को देखने को मिला। अपने संसदीय क्षेत्र को भूले बैठे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद वीके सिंह को जैसे यकायक ही गाजियाबाद के परेशान किसानों की याद आ गई।
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बेमौसम बरसात से खराब हुई फसल और किसानों का हाल जानने सांसद वीके सिंह शुक्रवार सवेरे ही अपने काफिले के साथ गांवों की ओर दौड़ पडे़।
हालांकि उनके अपने दौरे के पहले ही गांव में सांसद एक भाजपा नेता के घर पहुंचे, पहले से ही काटकर लाई गई गेहूं की थोड़ी सी फसल देखी, कलाकंद खाया और फिर अगले गांव की ओर चल पडे़।
शुक्रवार सुबह से ही सांसद वीके सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र के 9 गांव जावली, सिरोला, अटौर-नंगला, ढिंडार, डासना, हसनपुर, खिचरा, गालंद और आजमपुर के दौरे पर निकल पडे़।
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किसानों ने दिखाई मंत्री जी को पूली
दिल्ली स्थित अपने आवास से सांसद चले तो उनके पीछे समर्थकों का काफिला भी निकल पड़ा। मोहन नगर चौक पर ही भाजपा नेताओं ने वीके सिंह का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद पूरा काफिला लोनी के गांव जावली की ओर निकल पड़ा।
करीब सवा 10 बजे यह काफिला वरिष्ठ भाजपा नेता पृथ्वी सिंह कसाना के भाई वेदपाल कसाना के आवास पर पहुंचा। सांसद वीके सिंह के फसल निरीक्षण की तैयारियां यहां पहले से ही पूरी कर ली गईं थी।
गांव के किसान खेत से काटकर लाई गई गेहूं की फसल की एक पूली के साथ यहां मौजूद थे। सांसद वीके सिंह ने तबाह फसल को देखा और साथ आए लोनी कानूनगो और एसडीएम जयपाल सिंह को दोबारा से सर्वे करने के निर्देश दिए।
इसके बाद शुरू हुआ भाषणबाजी का दौर। अपने संबोधन में सांसद वीके सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य था कि किसान का जो नुकसान हुआ है उसको देखा जाए।
डीएम ने बताया नहीं हुआ कोई नुकसान
डीएम ने पहले जो निरीक्षण किया उसमें बताया गया कि गाजियाबाद में कोई नुकसान नहीं हुआ है। मैने उनसे बात की है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों का जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा उन्हें दिया जाएगा।
इसके बाद सांसद जी ने पकौड़े और कलाकंद का नाश्ता किया और फिर उनका काफिला निर्धारित कार्यक्रम के तहत चुने गएसिरोला की ओर रवाना हो गया।
इससे पूर्व ही गांव भूपखेड़ी के किसानों ने खेतों से गुजर रहे सांसद के काफिले को रुकवा लिया और उन्हें एक खेत में फसल दिखाने ले गए। खेत के मालिक किसान घमंडी सिंह ने बताया कि उसकी पूरी फसल लेट गई है और दाना काला पड़ गया है। इस दौरान उनके साथ हातम सिंह नागर, सोहनपाल कंडेरा, राकेश रहे।
ढिंडार गांव पहुंचकर शहीद के परिजनों को दी सांत्वना
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद वीके सिंह को आखिर 15 दिन बाद शहीद संजीव कुमार के दुखी परिवार की याद आ गई। वह शुक्रवार को ढिंडार गांव पहुंचे और शहीद के परिवार को सांत्वना देते हुए उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी व बच्चों की तीन वर्ष तक फ्री पढ़ाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने गाजियाबाद को आपदाग्रस्त में शामिल कराए जाने की बात कही। बता दें कि 2 अप्रैल को अरूणांचल सीमा के म्यांमार में पट्रोलिंग के दौरान आतंकी हमले में ढिंडार गांव निवासी संजीव कुमार शहीद हो गए थे। शहीद का 5 अप्रैल को सैन्य सम्मान के बाद संस्कार किया गया।
अपने दौरे के बाद शुक्रवार शाम को राजनगर आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गाजियाबाद में 50 से 60 फीसदी तक गेहूं की फसल बेमौसम बरसात से बर्बाद हुई है। जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें निश्चित ही मुआवजा दिलाया जाएगा।
शुक्रवार को भले ही सांसद वीके सिंह ने 9 गांवों का दौरा किया हो, मगर अपने गोद लिए गांव मीरपुर हिंदू में वह नहीं गए। सांसद के इस कदम से मीरपुर हिंदू के ग्रामीणों में रोष है।
सांसद के आवास पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में न तो भाजपा जिलाध्यक्ष नंदकिशोर गुर्जर शामिल हुए और न ही महानगर अध्यक्ष अशोक मोंगा ने शिरकत की।
नंदकिशोर गुर्जर जावली गांव में सांसद के साथ थे, मगर प्रेसवार्ता में शामिल नहीं हुए। महानगर अध्यक्ष अशोक मोंगा के बारे में भाजपाइयों का कहना था कि वह शहर से बाहर हैं, इसी के चलते नहीं आ पाए।