उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से बड़ी तबाही आई है। दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की खबर है जबकि अभी भी 150 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना से लोगों की जान बचाने में सोशल मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई है। चमोली में ग्लेशियर टूटने की खबर पल भर में लोगों ने सोशल मीडिया में शेयर करना शुरू कर दिया जिससे ऋषिकेश-हरिद्वार के निचले इलाकों से लोगों को दूर हटाने में मदद मिली। अगर सोशल मीडिया ने यह रोल न निभाया होता तो आशंका है कि इससे सैकड़ों अन्य लोगों की जान पर भी संकट आ सकता था।
चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना रविवार सुबह आठ सेे नौ बजे के बीच हुई। धीरे-धीरे ग्लेशियर टूटने की खबर लोगों तक पहुंची और लोग इससे जुड़ी बातें सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे। चमोली से हरिद्वार की दूरी लगभग 322 किलोमीटर दूर है। सामान्य तौर पर इस रास्ते को तय करने में आठ से दस घंटे का समय लगता है। गंगा जल के प्रवाह में भी चमोली से ऋषिकेश-हरिद्वार तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है।
लेकिन जैसे ही ग्लेशियर के टूटने की खबर आई, लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया जिससे निचले इलाकों के लोगों को समय पर सतर्क किया जा सका और लोगों की जान बचाई जा सकी।
हालांकि, इसी त्रासदी को शेयर करने की हड़बड़ी में कुछ लोगों ने केदारनाथ त्रासदी और कुछ अन्य जगहों की वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया। इससे सतर्क होते हुए प्रशासन ने लोगों से फर्जी वीडियो न शेयर करने की अपील किया। भाजपा ने इस दुर्घटना का कोई भी फर्जी वीडियो सोशल मीडिया में न शेयर करने की अपील की है।
बीजेपी नेता नेहा जोशी ने कहा कि फर्जी वीडियो-खबर शेयर करने से लोगों में घबराहट बढ़ती है, लोग घबरारकर इधर-उधर फोन करना शुरू कर देते हैं और इससे बचाव कार्य में बाधा आती है। उन्होंने कहा कि केवल आधिकारिक और बचाव कार्य को आगे बढ़ाने वाली जानकारी को ही लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करें जिससे लोगों की उचित मदद की जा सके।