आईपीएस-1: अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामपुर
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अगस्त 2019 को पत्रकारिता की आड़ में संगठित गिरोह चलाने के आरोप में 5 कथित पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया गया था। मोबाइल सीडीआर की जांच में पाया गया कि आईपीएस अजयपाल शर्मा इन अभियुक्तों के संपर्क में थे।
अभियुक्त चंदन राय व अजयपाल शर्मा के बीच बातचीत की दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिलीं, जिसमें उनकी पोस्टिंग मेरठ कराने की एवज में 80 लाख रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। 50 प्रतिशत एडवांस और बाकी रकम एक माह के अंदर देने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है।
अजयपाल की पोस्टिंग के लिए चंदन राय की लखनऊ के अतुल शुक्ला से बातचीत का जिक्र भी किया गया है। रिपोर्ट में दीप्ति शर्मा नामक महिला का जिक्र भी है जिसने अधिकारी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाकर शिकायत की थी। महिला को थाना कविनगर गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
इस महिला का मोबाइल चंदन राय से बरामद हुआ था। चंदन राय ने एक वीडियो अजयपाल को व्हाट्सएप पर भेजा जिसमें दीप्ती के मोबाइल फोन में मौजूद समस्त फोटो व वीडियो का विवरण है। अजयपाल ने चंदन को उक्त फोटो व वीडियो डिलीट करने के लिए निर्देशित किया। रिपोर्ट में थाना कविनगर की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त चंदन राय के मोबाइल फोन से एसएमएस का विवरण पाया गया, जिसमें अभियुक्त द्वारा इंस्पेक्टर संजय वर्मा को सिहानी गेट गाजियाबाद थाने का चार्ज दिलाने के लिए सुधीर सिंह से कहा जा रहा है।
सिहानी गेट थाने का चार्ज देने से मना करने पर चंदन द्वारा विजय नगर थाने का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सुधीर सिंह ने बात इधर-उधर न होने का हवाला देकर शाम को मिलने के लिए बुलाने की बात कही।
एसएसपी सुधीर बोले, चंदन से मेरा कोई वास्ता, कोई चैट नहीं
भ्रष्टाचार केआरोप में जेल में बंद चंदन राय से ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर चैट के आरोपों को एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह ने सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। उनका चंदन राय से कोई वास्ता नहीं है और न ही उसके साथ उनकी कोई चैट हुई। एसएसपी का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने पक्ष से अवगत करा दिया है। एसएसपी का कहना है कि वह उक्त मामले को लेकर मीडिया में बयानबाजी नहीं करना चाहते।
गौरतलब है कि कथित वीडियो सामने आने के बाद गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने बुधवार शाम कैंप ऑफिस पर प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने वीडियो को फर्जी बताते हुए उनकी छवि धूमिल करने की साजिश बताया था। उनका कहना था कि संगठित अपराधियों पर लगाम कसने के चलते उन्हें बदनाम करने की साजिश की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चंदन राय के मोबाइल फोन के एसएमएस विवरण में एसपी बांदा के साथ चैट में गाड़ियां निकलवाने की एवज में रुपये आने की बात का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में नंदग्राम गाजियाबाद निवासी राजेश राय को एसपी बांदा के साथ हुए व्हाट्सएप विवरण भेजने का जिक्र भी है, जिसमें गाड़ियों को निकलवाने से पहले टोकन देने की बात कही गई है। साथ ही, अकाउंट डिटेल व पैसे भेजने की बात भी है।
आईपीएस-4 राजीव नारायण मिश्र (तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर)
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त नीतिश पांडेय के साथ तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर से व्हाट्सएप पर बातचीत का विवरण मिलने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है। आपराधिक प्रवृति के आरक्षी अनिल तिवारी को एक माह के लिए जनपद में संबद्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही, कई चौकियों सहित कुछ आरक्षियों के तबादले रुकवाने के संबंध में नीतिश पांडेय व एसपी के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के प्रमाण मिलना रिपोर्ट में बताया गया है।
आईपीएस-5 हिमांशु (पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर)
रिपोर्ट की मानें तो अतुल शुक्ला व चंदन राय के बीच आईपीएस हिमांशु स्थानांतरण के संबंध में व्हाट्सएप चैटिंग व ऑडियो रिकॉर्डिंग के विवरण मिले हैं जिसमें बिजनौर के लिए 30 लाख, बरेली के लिए 40 लाख व आगरा के लिए 50 लाख रुपये का उल्लेख रिपोर्ट में है।